नोएडा: मनमानी फीस वसूलने वाले स्कूलों की अब खैर नहीं; डीएम मेधा रूपम का सख्त आदेश— उल्लंघन पर 5 लाख जुर्माना और छिनेगी मान्यता

गौतमबुद्ध नगर में निजी स्कूलों की मनमानी पर डीएम मेधा रूपम का एक्शन। फीस बढ़ोतरी की सीमा 7.23% तय। नियम तोड़ने पर 5 लाख जुर्माना और मान्यता रद्द करने की चेतावनी।

Partap Singh Nagar
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नोएडा: मनमानी फीस वसूलने वाले स्कूलों की अब खैर नहीं; डीएम मेधा रूपम का सख्त आदेश— उल्लंघन पर 5 लाख जुर्माना और छिनेगी मान्यता

ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़: जनपद गौतमबुद्ध नगर के निजी स्कूलों द्वारा हर साल की जाने वाली मनमानी फीस वृद्धि और ड्रेस-किताबों के नाम पर अभिभावकों के शोषण पर प्रशासन ने पूरी तरह लगाम कस दी है। जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई ‘जिला शुल्क नियामक समिति’ की अहम बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। अब स्कूलों के लिए मनमर्जी से फीस बढ़ाना संभव नहीं होगा।

7.23% से ज्यादा नहीं बढ़ेगी फीस: प्रशासन ने तय की सीमा

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आगामी सत्र 2026-27 में निजी स्कूल पिछले वर्ष के मुकाबले अधिकतम 7.23 प्रतिशत ही फीस बढ़ा सकेंगे। यह वृद्धि CPI + 5% के सरकारी फॉर्मूले के आधार पर तय की गई है। इससे एक रुपया भी अधिक वसूलने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अभिभावकों को राहत: 5 साल तक नहीं बदलेगी ड्रेस

स्कूलों द्वारा हर साल ड्रेस (यूनिफॉर्म) बदलकर कमीशनखोरी करने के खेल को डीएम ने कड़ाई से रोक दिया है।

यूनिफॉर्म: कोई भी स्कूल 5 साल से पहले अपनी ड्रेस नहीं बदल सकेगा। यदि बहुत जरूरी हुआ, तो समिति से अनुमति लेनी होगी।

दुकानों की बाध्यता: स्कूल किसी खास दुकान से किताबें, जूते या ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर नहीं करेंगे।

किताबें: हर साल किताबें बदलने पर रोक रहेगी और NCERT की किताबों को प्राथमिकता देनी होगी।

स्विमिंग पूल पर पैनी नजर: कोच अनिवार्य

सुरक्षा मानकों को लेकर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि बिना NOC के किसी भी स्कूल में स्विमिंग पूल का संचालन नहीं होगा। साथ ही, पूल पर लड़कों के लिए पुरुष कोच और लड़कियों के लिए महिला कोच की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।

नियम तोड़ा तो लगेगा भारी जुर्माना

जिलाधिकारी ने स्कूलों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि नियमों का उल्लंघन हुआ तो रियायत नहीं मिलेगी:

1. पहली बार गलती पर: वसूल की गई अतिरिक्त फीस वापस करनी होगी और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।

2. दूसरी बार गलती पर: फीस वापसी के साथ 5 लाख रुपये का भारी जुर्माना देना होगा।

3. तीसरी बार गलती पर:स्कूल की मान्यता रद्द करने की सिफारिश शिक्षा विभाग को भेज दी जाएगी।

यहाँ करें शिकायत (Helpline Email)

यदि कोई स्कूल निर्धारित सीमा से अधिक फीस मांगता है या ड्रेस-किताबों के लिए किसी दुकान विशेष पर भेजता है, तो अभिभावक अपनी शिकायत सीधे feecommitteegbn@gmail.com पर ईमेल के जरिए दर्ज करा सकते हैं।

बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, मुख्य कोषाधिकारी शिखा गुप्ता समेत समिति के अन्य सदस्य व स्कूल

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