Noida/भारतीय टॉक न्यूज़ : गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के थाना सेक्टर 63 की पुलिस ने घरों में चोरी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अभियुक्त की पहचान दीपक गंगवार के रूप में हुई है, जो नशे की अपनी लत को पूरा करने के लिए बंद घरों को निशाना बनाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से लाखों रुपये के चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, घड़ियां और एक अवैध चाकू बरामद किया है।
गुप्त सूचना पर हुई गिरफ्तारी
थाना सेक्टर 63 पुलिस ने मंगलवार, 11 नवंबर 2025 को लोकल इंटेलिजेंस और एक गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस टीम ने एफएनजी सर्विस रोड पर ग्रीन बेल्ट गेट के पास से अभियुक्त दीपक गंगवार को गिरफ्तार किया। पुलिस को तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध चाकू मिला।
लाखों के जेवरात और घड़ियां बरामद
पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्त ने चोरी की घटनाओं को कबूल किया। उसकी निशानदेही पर चोरी किए गए आभूषण भी बरामद किए गए, जिनमें शामिल हैं:
🔸एक सोने की चेन
🔸एक सोने का मंगलसूत्र
🔸 माला सहित एक सोने का लॉकेट
🔸तीन जोड़ी चांदी के बिछुवे
🔸दो जोड़ी आर्टिफिशियल झुमकी और चार आर्टिफिशियल कंगन
🔸एक टाइमैक्स (Timex) ब्रांड की कलाई घड़ी
🔸एक एचएमटी (HMT) ब्रांड की कलाई घड़ी
नशे की हालत में करता था रेकी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि 20 वर्षीय दीपक गंगवार नशे का आदी है। वह नशे की हालत में ही खाली पड़े मकानों और फ्लैटों की रेकी करता था और मौका मिलते ही चुपके से घर में घुसकर कीमती सामान चुराकर फरार हो जाता था।
हालिया चोरी मामले में हुई कार्रवाई
यह गिरफ्तारी 10 नवंबर 2025 को दर्ज एक शिकायत के बाद की गई। एक वादी ने थाना सेक्टर 63 में तहरीर दी थी कि 5 नवंबर को उनके घर से किसी अज्ञात व्यक्ति ने सोने और चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। इस पर पुलिस ने मु0अ0स0 512/2025 (धारा 305 बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया था। अब अभियुक्त की गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर, मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस (चोरी) और 4/25 आर्म्स एक्ट (अवैध शस्त्र) की बढ़ोतरी की गई है।
अभियुक्त का है आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त दीपक गंगवार (पुत्र संतोष गंगवार), जो मूल रूप से फर्रुखाबाद का रहने वाला है और फिलहाल सेक्टर 63 की छिजारसी कॉलोनी में रह रहा था। वह केवल आठवीं पास है। पुलिस के अनुसार, वह एक अभ्यस्त अपराधी है और उस पर पहले से ही थाना सेक्टर 63 में चोरी, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत तीन अन्य मामले दर्ज हैं।

