Greater Noida News/ भारतीय टॉक न्यूज़: डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए प्रस्तावित नए शुल्क के विरोध में ग्रेटर नोएडा के नागरिक लामबंद हो गए हैं। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा बुलाई गई रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और सामाजिक संगठनों की बैठक में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। प्रस्तावित शुल्क को अनुचित बताते हुए नाराज प्रतिनिधियों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और फैसला वापस न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
प्राधिकरण ने शहर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसी प्रस्ताव पर चर्चा के लिए आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। बैठक शुरू होते ही माहौल गरमा गया। नागरिकों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि जब वे पहले से ही लीज रेंट और ट्रांसफर चार्ज जैसे कई तरह के शुल्क प्राधिकरण को दे रहे हैं, तो कूड़ा उठाने के लिए अलग से पैसे क्यों वसूले जा रहे हैं?
विरोध प्रदर्शन में शामिल एक्टिविस्ट और RWA अध्यक्ष सुभाष भाटी “हम कोई चार्ज नहीं देने देंगे!” , फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए ग्रेटर नोएडा के महासचिव दीपक भाटी ने कहा, “यह फैसला पूरी तरह से अनुचित है। यह शहर के नागरिकों पर एक और वित्तीय बोझ डालने की कोशिश है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
बैठक में मौजूद हरेन्द्र भाटी, आलोक सिंह, शेर सिंह भाटी, पवन नागर, इंजीनियर श्यामवीर भाटी, और एन.पी. सिंह समेत दर्जनों प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा। उनका तर्क था कि मूलभूत सुविधाएं प्रदान करना प्राधिकरण की जिम्मेदारी है, जिसके लिए वे पहले ही भुगतान कर रहे हैं।
नागरिकों के तीखे तेवर और एकजुट विरोध को देखते हुए बैठक बेनतीजा रही। प्रतिनिधियों ने साफ कर दिया है कि यदि प्राधिकरण इस “अतिरिक्त टैक्स” के प्रस्ताव को वापस नहीं लेता है, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस मामले पर प्राधिकरण की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे गतिरोध की स्थिति बनी हुई है।

