GREATER NOIDA / भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा के सैंथली गांव में हुए दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक मामूली विवाद ने इतना खूनी रूप ले लिया कि दो लोगों की जान चली गई। इस घटना ने एक परिवार की उन खुशियों को हमेशा के लिए लील दिया, जिसकी तैयारी में पूरा घर जुटा हुआ था। जिस घर से कुछ ही दिनों बाद बहन की डोली उठनी थी, वहाँ से अब जवान भाई की अर्थी उठी है।
मातम में बदलीं शादी की शहनाइयां
डबल मर्डर का शिकार हुए 21 वर्षीय दीपांशु की बहन की शादी आगामी 2 नवंबर को होनी थी। परिवार में शादी की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। 29 अक्टूबर को लग्न-सगाई का कार्यक्रम तय था। बेटी को विदाई में देने के लिए एक नई स्कॉर्पियो गाड़ी खरीदकर घर पर खड़ी कर दी गई थी। शादी के कार्ड बांटे जा चुके थे और घर में मंगल गीतों की जगह अब मातम और चीख-पुकार ने ले ली है। इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर है।

क्या है पूरा मामला?
यह खूनी संघर्ष एक मामूली रास्ते के विवाद से शुरू हुआ। सैंथली गांव के रहने वाले धारा सिंह (गृह मंत्रालय से सेवानिवृत्त) और उनके भाई अजयपाल सिंह (CISF से सेवानिवृत्त), दोनों परिवार समेत दादरी में रहते थे, लेकिन गांव में उनका आना-जाना लगा रहता था।
दिवाली से पहले दोनों भाई गांव में अपने घर की साफ-सफाई करने गए थे। उनके घर को जाने वाले रास्ते पर उनके पड़ोसी प्रिंस ने सीसी रोड को ऊंचा बनवा दिया था। इसके चलते प्रिंस के घर का पानी रास्ते में जमा होने लगा, जिससे दोनों भाइयों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी।
थप्पड़ से शुरू हुआ विवाद
धारा सिंह और अजयपाल सिंह ने इस समस्या की शिकायत प्रिंस के भाई से की। ग्रामीणों के अनुसार, यह शिकायत प्रिंस को इतनी नागवार गुजरी कि बीते रविवार को वह अपने भाई के साथ दोनों भाइयों के घर आ धमका। कहासुनी के बीच प्रिंस ने अजयपाल सिंह को थप्पड़ जड़ दिया।
जब यह खबर परिवार के अन्य लोगों को लगी, तो वे भी मौके पर पहुंच गए। मामला बढ़ता देख धारा सिंह और अजयपाल ने स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को शांत कराकर सीधे टकराव से रोक दिया।

दिवाली के दिन खूनी अंजाम
दोनों भाई नहीं चाहते थे कि यह विवाद आगे बढ़े। वे इस मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने का प्रयास कर रहे थे। सोमवार को (दिवाली के दिन) दोनों भाई पितृ पूजा के लिए दादरी से वापस गांव पहुंचे थे।
इस बीच, रविवार की घटना के बारे में उनके बच्चों (दीपांशु सहित) को भी पता चल गया और वे भी गांव पहुंच गए। रास्ते में उनकी मुलाकात कार में सवार प्रिंस और उसके साथियों से हो गई। दोनों पक्षों के बीच जुबानी विवाद होने लगा।
किसी ने इसकी सूचना धारा सिंह और अजयपाल को दे दी। किसी अनहोनी की आशंका के चलते, दोनों भाई अन्य ग्रामीणों के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए।
बातचीत के बीच अंधाधुंध फायरिंग
ग्रामीणों के अनुसार, मौके पर दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक कहासुनी हुई। तभी अचानक कार सवार प्रिंस और उसके साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली सीधे अजयपाल के सीने में जा लगी और वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। इसी बीच, पास में ही खड़े दीपांशु को भी एक गोली लगी और वह भी वहीं गिर गया।
इस गोलीबारी में राजीव और सतपाल नाम के दो अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हो गए। गोलियों की आवाज से मौके पर अफरातफरी मच गई और आरोपी घटना को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए।
चार नामजद समेत कई पर केस, आरोपियों का है आपराधिक इतिहास
इस दोहरे हत्याकांड के बाद से गांव में तनाव है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर चार लोगों को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नामजद आरोपियों में प्रिंस भाटी, उसका बड़ा भाई जितेंद्र भाटी, बॉबी तोंगड़ और इकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र के सादुल्लापुर गांव निवासी मनोज नागर शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों का लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास रहा है। प्रिंस भाटी पर पहले भी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है और वह जेल जा चुका है। बॉबी तोंगड़ भी जेल की हवा खा चुका है। वहीं, मनोज नागर इकोटेक-3 कोतवाली का गैंगस्टर है और वह भी हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपी पक्ष से जुड़े कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और मुख्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

