Greater Noida/ Aligarh / भारतीय टॉक न्यूज़: अलीगढ़ सिविल कोर्ट (दीवानी) परिसर में बिना अनुमति घुसकर हत्याकांड के आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास करना नोएडा पुलिस की टीम को भारी पड़ गया है। इस मामले में जिला जज द्वारा की गई सख्त टिप्पणी और कार्रवाई के आदेश के बाद नोएडा पुलिस कमिश्नर ने एक कोतवाल को लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि चार दरोगा समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
यह पूरी कार्रवाई अलीगढ़ बार एसोसिएशन की शिकायत पर हुई है, जिसने पुलिस टीम पर वकीलों से खींचतान और अनधिकृत रूप से परिसर में प्रवेश करने का आरोप लगाया था।
क्या है पूरा मामला?
मामला ग्रेटर नोएडा के जारचा थाना क्षेत्र स्थित सैंथली गांव में हुए दोहरे हत्याकांड से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार को इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी शूटर सचिन गुर्जर और बॉबी तोंगड़ा उर्फ पहलवान, अलीगढ़ दीवानी में सरेंडर करने के लिए पहुंचे थे। इसकी भनक नोएडा पुलिस को लग गई।
अलीगढ़ दीवानी में अनधिकृत प्रवेश:
सैंथली हत्याकांड: सरेंडर करने आए आरोपी को पकड़ना पड़ा महंगा, जिला जज के आदेश पर नोएडा के 4 दरोगा समेत 6 पुलिसकर्मी निलंबित।विस्तृत समाचार👇https://t.co/dKf9KQflws @Uppolice @noidapolice @aligarhpolice #Noida #UttarPradesh pic.twitter.com/9PWesHJTfM
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दोहरे हत्याकांड के विवेचक और जारचा कोतवाल सुमनेश कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम, जिसमें दादरी कोतवाली के पुलिसकर्मी भी शामिल थे, आरोपियों को पकड़ने के लिए अलीगढ़ कोर्ट पहुंच गई। टीम ने परिसर में घुसकर आरोपी सचिन को दबोचने का प्रयास किया, जिसका वहां मौजूद वकीलों ने विरोध किया। इस दौरान पुलिस टीम और वकीलों के बीच जमकर खींचतान और हंगामा हुआ।
बार एसोसिएशन की शिकायत पर जिला जज का कड़ा रुख
इस घटना से नाराज ‘दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन’ ने तत्काल एक बैठक की और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ जिला जज को उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम एक ज्ञापन सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला जज ने जांच कराई।
जांच के आधार पर, जिला जज ने पुलिस की इस कार्रवाई को “दीवानी की सुरक्षा में गंभीर चूक” करार दिया। अपने आदेश में उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस टीम ने बिना किसी पूर्व अनुमति के कोर्ट परिसर में “अनधिकृत प्रवेश” किया और मनमानी गतिविधियां कीं, जिसके लिए उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
नोएडा कमिश्नरेट की बड़ी कार्रवाई
जिला जज के आदेश के बाद नोएडा पुलिस कमिश्नरेट ने तत्काल एक्शन लिया।
🔸 दोहरे हत्याकांड के विवेचक और जारचा कोतवाल सुमनेश कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
🔸 अलीगढ़ आई पुलिस टीम में शामिल जारचा के दरोगा शिवम प्रधान, दरोगा प्रिंस यादव, दरोगा ललित गंगवार और सिपाही गौरव को निलंबित कर दिया गया है।
🔸 टीम में शामिल दादरी कोतवाली के दरोगा भरत कुमार और दीवान सोहनवीर को भी निलंबित किया गया है।
नोएडा कमिश्नरेट की ओर से इस कार्रवाई की सूचना एसएसपी अलीगढ़ को दी गई है, जो इसे जिला जज के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
दीवानी सुरक्षा बल (SSF) पर भी जांच शुरू
जिला जज ने अपने आदेश में केवल नोएडा पुलिस को ही नहीं, बल्कि दीवानी की सुरक्षा में लगी यूपीएसएसएफ (UPSSF) की लापरवाही पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इस मामले में एसएसएफ कमांडेंट के स्तर से भी विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
एसएसएफ सेनानायक रामसुरेश यादव ने बताया कि घटना वाले दिन स्टाफ के स्तर से कुछ लापरवाही सामने आई है। उपसेनानायक को इसकी जांच सौंपी गई है और रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के बयान
नीरज जादौन, एसएसपी, अलीगढ़: “सिविल कोर्ट में हथियार लेकर घुसे पुलिसकर्मियों की कार्रवाई व अधिवक्ताओं से हुई खींचतान पर जिला जज की ओर से कार्रवाई के निर्देश मिले थे। इसी क्रम में नोएडा पुलिस की ओर से कार्रवाई संबंधी सूचना मिली है। कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट सहित पूरा विवरण जिला जज को भेजा जा रहा है।”
राजीव नारायण मिश्रा, अपर पुलिस आयुक्त, नोएडा: “जारचा कोतवाली के प्रभारी को लाइन हाजिर किया गया है। छह अन्य पुलिसकर्मियों कोनिलंबित किया गया है।”

