सिकंद्राबाद (भारतीय टॉक न्यूज़): बुलंदशहर के सिकंद्राबाद देहात क्षेत्र में एक दलित परिवार की जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद कुछ प्रभावशाली लोग बलपूर्वक उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
क्या है पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, सिकंद्राबाद देहात स्थित गाटा संख्या 100 का मालिकाना हक गुलशन (पुत्र दलित समाज) के पास है। पीड़ित गुलशन का आरोप है कि उक्त भूमि को लेकर न्यायालय में मामला अभी लंबित है। पीड़ित के अनुसार, उसने अपनी जमीन के पीछे वाले हिस्से की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल करवाई थी, जिसे कथित तौर पर कुछ दबंगों ने ढहा दिया। अब आरोप है कि वे लोग जमीन के आगे वाले हिस्से पर अवैध तरीके से बाउंड्री कर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
पीड़ित गुलशन ने अपने पीछे वाले हिस्से की बाउंड्री करवाई थी जिसे दबंगों से तोड़ दिया है और आगे वाले हिस्से पर कब्जा कर रहे है।
मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
पीड़ित दलित समाज से है और काफी गरीब है।@Uppolice @bulandshahrpol @dmbulandshahr @myogiadityanath pic.twitter.com/bkrloEKge8— बुलंदशहर पत्रिका (@BulandshahrNews) February 22, 2026
दबंगई और आर्थिक तंगी का हवाला
पीड़ित गुलशन ने अपनी शिकायत में हृदयपुर निवासी मनीष अधाना और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि वह एक गरीब दलित परिवार से ताल्लुक रखता है, जबकि दूसरी तरफ प्रभावशाली लोग हैं जिनके दबाव के कारण उसे अपनी पुश्तैनी जमीन गंवाने का डर सता रहा है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए विपक्षी पक्ष लगातार निर्माण कार्य करने की कोशिश कर रहा है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
इस मामले में पीड़ित पक्ष ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है। कानून के जानकारों का कहना है कि यदि कोई मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो उस पर किसी भी प्रकार का भौतिक बदलाव या कब्जा करना कानूनी रूप से गलत है।
नोट: इस खबर में लगाए गए सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित हैं। ‘भारतीय टॉक न्यूज़’ किसी भी पक्ष की पुष्टि नहीं करता है और निष्पक्षता के सिद्धांत पर दूसरे पक्ष (मनीष अधाना पक्ष) का वक्तव्य आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
भारतीय टॉक न्यूज़ (BharatiyaTalkNews) की विशेष रिपोर्ट।

