DM मेधा रूपम का कड़ा एक्शन: ​पीईटी परीक्षा की बैठक से नदारद 13 सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेटों पर एफआईआर की तलवार

Strict action by DM Medha Rupam: FIR lodged against 13 sector and static magistrates who were absent from the PET exam meeting

Partap Singh Nagar
3 Min Read
DM मेधा रूपम का कड़ा एक्शन: ​पीईटी परीक्षा की बैठक से नदारद 13 सेक्टर व स्टेटिक मजिस्ट्रेटों पर एफआईआर की तलवार

Greater Noida News /भारतीय टॉक न्यूज़:  गौतम बुद्ध नगर में आगामी प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के आयोजन में लापरवाही बरतने वाले 13 अधिकारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। परीक्षा की तैयारियों को लेकर बुलाई गई एक महत्वपूर्ण बैठक से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इन सभी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

क्या है पूरा मामला?

जिले में 6 और 7 सितंबर को आयोजित होने वाली प्रारंभिक अर्हता परीक्षा को नकलविहीन और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया गया है। इसी सिलसिले में 2 सितंबर को नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज में एक अहम तैयारी बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में सभी नियुक्त मजिस्ट्रेटों की उपस्थिति अनिवार्य थी ताकि उन्हें उनकी जिम्मेदारियों और परीक्षा की संवेदनशील प्रक्रिया के बारे में विस्तृत निर्देश दिए जा सकें।

बैठक के दौरान जब उपस्थिति की जांच की गई तो पाया गया कि 13 नियुक्त सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट गैर-हाजिर थे। अधिक गंभीर बात यह थी कि इन अधिकारियों ने बैठक में शामिल न हो पाने की कोई पूर्व सूचना भी संबंधित नोडल अधिकारियों को नहीं दी थी।

डीएम ने लिया तत्काल संज्ञान, दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

मामले की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी मेधा रूपम ने इसे शासकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता माना। उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी 13 अनुपस्थित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया। नोटिस में अधिकारियों से पूछा गया है कि क्यों न उनके इस कृत्य के लिए उनके खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाए।

जिलाधिकारी कार्यालय से जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि यदि इन अधिकारियों का जवाब संतोषजनक नहीं होता है, तो बिना किसी देरी के उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। डीएम के इस कड़े फैसले के बाद लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक हलकों में बेचैनी बढ़ गई है। यह कदम अन्य अधिकारियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है कि चुनाव या परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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