Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: माफिया अतीक अहमद की हत्या को भले ही समय बीत चुका हो, लेकिन उसके आपराधिक साम्राज्य की छाया राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में अब भी मंडरा रही है। गोपनीय सूत्रों और हाल ही में पुरानी वायरल हुए ऑडियो क्लिप्स (Viral Audio Clips) की पड़ताल से पता चलता है कि अतीक का ख़ास गुर्गा, ‘ज़हद’, प्रशासन की आँखों में धूल झोंककर कथित बेनामी संपत्तियों पर राज कर रहा है।
इस ‘खेल’ में उसे एक स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर आज़ाद खान का सक्रिय संरक्षण (शय) प्राप्त है, जिसके माध्यम से यह गुर्गा चोरी-छिपे अतीक की अवैध संपत्ति को ठिकाने लगाने में जुटा है।

आख़िर कौनसा सा रैकेट ग्रेटर नोएडा में चल रहा है? कौन है इसका सरगना?
ग्रेटर नोएडा के तिलपता क्षेत्र से सटी भूड़ा रोड पर अचानक से बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त (खरीद-फरोकत) की चर्चाएँ ज़ोरों पर हैं। यह एक संगठित माफिया रैकेट है, जिसका मुख्य उद्देश्य अतीक अहमद की मौत के बाद, प्रशासन द्वारा ज़ब्ती की कार्रवाई के बाद, उसकी बेनाम सपत्ति खरीदने में बेचने में और कैश (नकद) में बदलना तक भी डील हुई है।
इस वर्तमान संपत्ति निस्तारण रैकेट का सीधा संबंध अतीक अहमद के गुर्गे ज़हद से है, जो माफिया की तरफ से फ्रंटमैन बनकर बेनाम संपत्ति पर दबदबा चला रहा है।
🔸रैकेट का सहायक सरगना (स्थानीय लिंक): प्रॉपर्टी डीलर आज़ाद खान को इस ‘खेल’ का स्थानीय सरगना माना जा रहा है, जो अपने डीलिंग नेटवर्क और पहुँच का इस्तेमाल कर इन संपत्तियों के कागजात (रजिस्ट्री) को अंतिम रूप दे रहा है।
कौन है आज़ाद ख़ान? किस-किसको देता है शय?
आज़ाद ख़ान ग्रेटर नोएडा का एक कथित प्रॉपर्टी डीलर है, जिसके बारे में सूत्रों का कहना है कि वह ज़हद जैसे माफिया गुर्गों को न केवल पनाह दे रहा है, बल्कि उनके काले धन को सफेद करने में भी मदद कर रहा है।
🔸शय देने का प्रमाण: जानकारी के अनुसार, आज़ाद ख़ान ज़हद को अवैध डीलिंग के लिए सुरक्षित ठिकाने और वित्तीय सहायता (फाइनेंस) उपलब्ध कराता है, जिससे बेनाम संपत्तिया को खरीदा या बचा जा सके। और प्रशासन के रडार से बचा जा सके।
🔸कनेक्शन: आज़ाद खान के कनेक्शन की जाँच भी ज़रूरी है, ताकि यह पता चल सके कि वह स्थानीय नेताओं, अधिकारियों या अन्य बिल्डरों को तो शय नहीं दे रहा, जो माफिया की अवैध दौलत में हिस्सेदार हैं।
ऑडियो से जुड़ा है रैकेट का ‘आधार’
इस अवैध कारोबार का सबसे बड़ा आधार अतीक अहमद की वो “धमकी वाली” संपत्तियाँ हैं, जिनका ज़िक्र उसके वायरल ऑडियो में है।
वायरल हुए दो अलग-अलग वीडियो में सामने आई एक ऑडियो क्लिप (Atiq Ahmed Viral Audio) में, अतीक अहमद जेल में रहते हुए एक व्यक्ति (ज़हद) को रजिस्ट्री को लेकर सीधे तौर पर धमकी दे रहा था। इस बातचीत में ‘रजिस्ट्री’ और ‘नंबर’ का बार-बार उल्लेख है, जिससे साफ होता है कि माफिया की अवैध संपत्ति का सबसे बड़ा विवाद ही रजिस्ट्री से जुड़ा था।
फ़िलहाल यह ही मानना है कि वर्तमान में भूड़ा रोड पर ज़हद और आज़ाद खान जिस बेनामी संपत्ति की चोरी-छिपे खरीद-फरोख्त कर रहे हैं, वह सीधे तौर पर अतीक की उन्हीं धमकी भरी संपत्तियों से जुड़ी है, जिसे वह कानूनी कार्रवाई से पहले हर हाल में बेचना चाहता था। लेकिन कहीं ना कहीं वह उसमें बेचने मे कामयाब रहा।
प्रयागराज और ग्रेटर नोएडा पुलिस के लिए यह एक नई चुनौती है, जिस पर तुरंत कार्रवाई करना आवश्यक है, ताकि अतीक के गुर्गे और उसके स्थानीय मददगार ग्रेटर नोएडा को माफिया की अवैध पूंजी से मुक्त न करा सकें।

