ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक मोंटू भसीन की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

Troubles increased for Grand Venice Mall owner Montu Bhasin, court issued non-bailable warrant

Partap Singh Nagar
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ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक मोंटू भसीन की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

 

Greater Noida News/ भारतीय टॉक न्यूज़:  शहर के प्रसिद्ध ग्रैंड वेनिस मॉल के मालिक सतेंद्र भसीन उर्फ मोंटू भसीन की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला न्यायालय की सीजेएम कोर्ट ने उनके खिलाफ एक मामले में अदालत में हाजिर न होने पर गैर-जमानती वारंट (Non-Bailable Warrant) जारी कर दिया है। यह कार्रवाई बीटा-2 कोतवाली में दर्ज एक आपराधिक मामले के सिलसिले में की गई है, जिसमें उन पर मॉल पर अवैध रूप से कब्जा करने और तोड़फोड़ करने जैसे गंभीर आरोप हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला डीएस च्युइंग प्रोडक्ट्स एलएलपी के डिप्टी मैनेजर (कानूनी), सुशील कौशिक द्वारा दर्ज कराई गई एक शिकायत से शुरू हुआ था। अपनी शिकायत में उन्होंने सतेंद्र भसीन उर्फ मोंटू भसीन, हरप्रीत सिंह छाबड़ा, अजय धवन और शोकेत खान पर गंभीर आरोप लगाए थे।

आरोप के अनुसार, इन सभी ने 8 फरवरी को अवैध रूप से मॉल परिसर में घुसकर कार्यालय में तोड़फोड़ की थी। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और जबरन मॉल का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया। शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपियों ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम और सर्वर रूम में घुसकर पूरी सुरक्षा प्रणाली को बंद कर दिया, ताकि कोई सबूत दर्ज न हो सके। इसके अलावा, विभिन्न विभागों के दराज और लॉकर तोड़कर लगभग पांच से छह निजी लैपटॉप और 100 से अधिक महत्वपूर्ण आधिकारिक फाइलें भी जब्त कर लीं।

कानूनी दांव-पेंच और अदालत का आदेश

इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मोंटू भसीन को गिरफ्तार कर सीजेएम कोर्ट में पेश किया था। उस समय, भसीन के वकील ने सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने आदेश का हवाला देते हुए दलील दी थी कि उनके मुवक्किल पर कोई भी कार्रवाई करने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार को शीर्ष अदालत से अनुमति लेनी होगी। इस दलील के आधार पर सीजेएम कोर्ट ने पुलिस की रिमांड अर्जी को निरस्त कर दिया था।

पुलिस ने इस फैसले को जिला जज की अदालत में चुनौती दी और तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को गलत तरीके से पेश किया गया है। जिला जज की अदालत ने पुलिस की अपील को स्वीकार करते हुए सीजेएम कोर्ट को रिमांड के संबंध में फिर से सुनवाई करने का निर्देश दिया।

अदालत में हाजिर न होने पर वारंट जारी

जिला जज के आदेश के बाद, सीजेएम कोर्ट ने मोंटू भसीन को सुनवाई के लिए अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया। हालांकि, भसीन तय तारीख पर अदालत में पेश नहीं हुए। बीटा-2 कोतवाली प्रभारी ने बताया कि इसी के चलते अदालत ने सख्ती दिखाते हुए मोंटू भसीन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया है। इस वारंट के जारी होने के बाद अब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए कानूनी तौर पर बाध्य है।

 

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