यूपी कैबिनेट के फैसले: शराब की दुकानें लॉटरी सिस्टम से, मथुरा में डेयरी प्लांट और 11 प्रस्ताव मंजूर

UP Cabinet decisions: Liquor shops through lottery system, dairy plant in Mathura and 11 proposals approved

Bharatiya Talk
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यूपी कैबिनेट के फैसले: शराब की दुकानें लॉटरी सिस्टम से, मथुरा में डेयरी प्लांट और 11 प्रस्ताव मंजूर


Uttar Pradesh News :
6 फरवरी 2025 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (UP Cabinet decisions) में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें शराब की दुकानों के लिए लॉटरी सिस्टम की शुरुआत, मथुरा में एक लाख लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट की स्थापना और 11 अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ये फैसले राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने वाले हैं।

शराब की दुकानों के लिए लॉटरी सिस्टम

योगी सरकार ने 2025-26 की आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अब उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों का आवंटन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा। यह निर्णय आबकारी विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए लिया गया है। इससे पहले, वित्तीय वर्ष 2018-19 में भी ई-लॉटरी के जरिए दुकानें आवंटित की गई थीं। नई नीति के तहत, देशी-विदेशी शराब, बीयर और भांग की दुकानों का लाइसेंस ऑनलाइन लॉटरी से जारी किया जाएगा। पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होगा, लेकिन 2026-27 में इसका विकल्प दिया जाएगा।

मथुरा में एक लाख लीटर क्षमता वाला डेयरी प्लांट

कैबिनेट ने मथुरा में एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले डेयरी प्लांट की स्थापना को मंजूरी दी। यह प्लांट पहले फिरोजाबाद के लिए प्रस्तावित था, लेकिन जमीन की कमी के कारण इसे मथुरा में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना से न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसके अलावा, पर्यटकों को उच्च गुणवत्ता वाले दुग्ध उत्पाद उपलब्ध होंगे।

11 प्रस्तावों को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में कुल 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें परिवहन, पर्यटन, मेडिकल एजुकेशन, गृह, आबकारी, दुग्ध, आवास, बेसिक और संसदीय विभाग से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकास को गति देना है।

बजट सत्र की तैयारी

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 18 फरवरी से शुरू करने का फैसला किया। 19 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया जाएगा। इससे पहले, आबकारी नीति को मंजूरी देकर सरकार ने राजस्व लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

राजस्व लक्ष्य और आर्थिक प्रभाव

यूपी सरकार ने शराब बिक्री से 58,310 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य रखा है। यह पिछले वित्तीय वर्ष से 4,000 करोड़ रुपये अधिक है। दिसंबर 2024 तक, आबकारी विभाग ने 40,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटा लिया था। नई नीति के तहत, प्रीमियम रिटेल दुकानों के लाइसेंस का नवीनीकरण 25 लाख रुपये वार्षिक फीस पर किया जाएगा।

योगी कैबिनेट के इन फैसलों से उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। शराब की दुकानों के लिए लॉटरी सिस्टम की शुरुआत, मथुरा में डेयरी प्लांट की स्थापना और अन्य प्रस्तावों के माध्यम से राज्य की प्रगति को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। ये फैसले न केवल राजस्व बढ़ाने में मददगार होंगे, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेंगे।

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