UP Panchayat Chunav 2026: क्या पुराने आरक्षण पर ही होंगे यूपी पंचायत चुनाव? योगी सरकार की ‘खामोशी’ ने दिए बड़े संकेत, जानें क्या है पूरा मामला

UP Gram Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण (OBC Reservation) के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन अब तक नहीं हुआ है। चर्चा है कि 2021 के आरक्षण फार्मूले पर ही 2026 के चुनाव कराए जा सकते हैं।

Partap Singh Nagar
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UP Panchayat Chunav 2026: क्या पुराने आरक्षण पर ही होंगे यूपी पंचायत चुनाव? योगी सरकार की 'खामोशी' ने दिए बड़े संकेत, जानें क्या है पूरा मामला

लखनऊ/भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की रणभेरी बजने से पहले आरक्षण के गणित ने संभावित उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। ताजा घटनाक्रम से यह संकेत मिल रहे हैं कि योगी सरकार आगामी पंचायत चुनाव 2026 में सीटों के आरक्षण में कोई बड़ा बदलाव करने के मूड में नहीं है। सूत्रों की मानें तो 2026 के चुनाव भी 2021 के आरक्षण फार्मूले के आधार पर ही कराए जा सकते हैं।

क्यों अटक रहा है नया आरक्षण?

नियमों के अनुसार, पंचायत चुनाव में ओबीसी (OBC) सीटों का कोटा तय करने के लिए एक ‘समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग’ का गठन अनिवार्य है। पंचायती राज निदेशालय ने इस आयोग के गठन का प्रस्ताव करीब पांच महीने पहले शासन को भेज दिया था, लेकिन अब तक इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश नहीं किया गया है।

जानकारों का कहना है कि यदि आज भी आयोग का गठन होता है, तो उसे सर्वे कर अपनी रिपोर्ट तैयार करने में कम से कम 3 से 4 महीने का समय लगेगा। चुनावों के समय को देखते हुए अब इतना वक्त बचा नहीं है, जिससे यह माना जा रहा है कि सरकार पुराने ढर्रे पर ही चुनाव करा सकती है।

पुनर्गठन का काम पूरा, आरक्षण पर नजर

शासन स्तर पर ग्राम पंचायतों, ग्राम पंचायत वार्डों, क्षेत्र पंचायत (BDC) और जिला पंचायत वार्डों के पुनर्गठन की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है। अब अगला और सबसे महत्वपूर्ण चरण सीटों का आरक्षण (ST, SC, OBC और महिला) तय करना है। शासन की इस सुस्ती को राजनीतिक विशेषज्ञ एक रणनीति के तौर पर देख रहे हैं, ताकि चुनावी प्रक्रिया में और अधिक देरी न हो।

उम्मीदवारों में असमंजस की स्थिति

आरक्षण का फार्मूला स्पष्ट न होने के कारण गांवों में प्रधानी और जिला पंचायत की तैयारी कर रहे दिग्गजों में असमंजस है। अगर 2021 वाला फार्मूला लागू रहता है, तो पिछली बार जो सीटें आरक्षित थीं, उनके समीकरणों में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। हालांकि, अभी तक इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।

क्या कहता है पंचायती राज विभाग?

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आयोग का गठन शासन स्तर का मामला है। जैसे ही वहां से हरी झंडी मिलेगी, प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। फिलहाल, विभाग मतदाता सूची के पुनरीक्षण और अन्य तकनीकी तैयारियों में जुटा हुआ है।

 

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