UP Property News: योगी सरकार का बड़ा तोहफा! अब सिर्फ ₹5000 में अपनों को गिफ्ट करें प्रॉपर्टी; ब्लड रिलेशन में रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी हुई फिक्स

UP Property Gift Deed Rules: उत्तर प्रदेश में अब परिवार के सदस्यों को संपत्ति दान करने पर नहीं देना होगा लाखों का स्टाम्प शुल्क। मंत्री रविंद्र जायसवाल ने दी जानकारी, अब मात्र ₹5000 में होगी रजिस्ट्री।

Bharatiya Talk
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UP Property News: योगी सरकार का बड़ा तोहफा! अब सिर्फ ₹5000 में अपनों को गिफ्ट करें प्रॉपर्टी; ब्लड रिलेशन में रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी हुई फिक्स

 

लखनऊ/भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए योगी सरकार ने संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। स्टाम्प एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने घोषणा की है कि अब परिवार के रक्त संबंधियों (Blood Relations) के बीच अचल संपत्ति के दान (Gift) या बंटवारे पर लगने वाले भारी स्टाम्प शुल्क को सीमित कर दिया गया है।

लाखों की बचत, मात्र ₹5000 में काम

पुराने नियमों के अनुसार, यदि कोई पिता अपने पुत्र को या भाई अपनी बहन को प्रॉपर्टी ट्रांसफर करता था, तो उसे संपत्ति के बाजार मूल्य (DM Circle Rate) का 5 से 7 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देना पड़ता था। उदाहरण के तौर पर, 1 करोड़ की संपत्ति पर करीब 7 लाख रुपये स्टाम्प ड्यूटी लगती थी। लेकिन अब योगी सरकार के नए आदेश के बाद, संपत्ति चाहे कितने भी करोड़ की हो, स्टाम्प शुल्क मात्र ₹5000 ही देना होगा। इसके साथ ही ₹1000 का प्रोसेसिंग शुल्क अलग से लगेगा।

कौन-कौन से रिश्ते आएंगे इस दायरे में?

इस योजना का लाभ ‘ब्लड रिलेशन’ में आने वाले निम्नलिखित रिश्तेदारों को मिलेगा:

🔸माता-पिता, पति-पत्नी।

🔸पुत्र-पुत्री, पुत्रवधू (बेटे की पत्नी), दामाद (बेटी का पति)।

🔸सगा भाई, सगी बहन।

🔸 पुत्र/पुत्री के बच्चे (पोता-पोती, नाती-नातिन)।

🔸सगे भाई की मृत्यु की स्थिति में उसकी पत्नी।

व्यावसायिक संपत्तियों को भी मिली मंजूरी

ताजा कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री रविंद्र जायसवाल ने स्पष्ट किया कि पहले यह छूट केवल आवासीय और कृषि भूमि तक सीमित थी, लेकिन अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यावसायिक संपत्तियों (Shops & Commercial Units) के पारिवारिक हस्तांतरण पर भी ₹5000 का ही स्टाम्प शुल्क लगेगा।

पावर ऑफ अटार्नी और मुकदमों से मिलेगी मुक्ति

सरकार का मानना है कि स्टाम्प शुल्क अधिक होने के कारण लोग अक्सर ‘पावर ऑफ अटार्नी’ (GPA) के जरिए संपत्तियां ट्रांसफर करते थे या बिना रजिस्ट्री के आपसी सहमति से रहते थे, जिससे बाद में कानूनी विवाद पैदा होते थे। इस रियायत से अब लोग कानूनी रूप से रजिस्ट्री कराएंगे, जिससे पारिवारिक विवादों में कमी आएगी और राजस्व रिकॉर्ड भी अपडेट रहेंगे।

विवरणपुराना नियमनया नियम (योगी सरकार)
स्टाम्प शुल्कसंपत्ति का 5% से 7%मात्र ₹5,000 (फिक्स)
प्रोसेसिंग फीस1% तक₹1,000
लागू संपत्तिसीमितआवासीय, कृषि और व्यावसायिक

 

 

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