उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव: 2.14 करोड़ डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन अटका, आयोग के निर्देश दरकिनार

Uttar Pradesh Panchayat Elections: Verification of 2.14 crore duplicate voters stuck, Commission's instructions ignored

Partap Singh Nagar
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उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव: 2.14 करोड़ डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन अटका, आयोग के निर्देश दरकिनार

 

प्रमुख समस्या: 2.27 करोड़ डुप्लीकेट मतदाताओं में से केवल 6% (13.28 लाख) का ही सत्यापन

Uttar Pradesh /भारतीय टॉक न्यूज़: अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच मतदाता सूचियों में भारी अनियमितता सामने आई है। नाम जोड़ने, घटाने या संशोधन करने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक 2 करोड़ 14 लाख से अधिक डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन पूरा नहीं हो पाया है। यह स्थिति 15 जनवरी 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।

राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और सॉफ्टवेयर की मदद से मतदाता सूचियों में कुल 2 करोड़ 27 लाख 33 हजार 769 डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित किए गए थे। आयोग ने सभी जिलों को 90 लाख 76 हजार से अधिक ऐसे मतदाताओं की सूची भेजी थी, जिनके नाम, पिता के नाम और लिंग समान थे और जो सूचियों में दो से तीन बार दर्ज थे।

94% मतदाताओं का सत्यापन लंबित

चुनाव आयोग ने इन डुप्लीकेट मतदाताओं का आधार से मिलान करने के लिए ग्राम और ब्लॉक-वार सूचियाँ सभी जिलों को भेजी थीं। जिलों को 30 सितंबर से 13 अक्तूबर तक की समय-सीमा दी गई थी कि वे जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक गांवों में पाए जाएं, उनकी जाँच पूरी करते हुए उन्हें सूची से हटा दें।

आयोग के सूत्रों के अनुसार, निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी अब तक कुल 13 लाख 28 हजार 419 डुप्लीकेट मतदाताओं का ही सत्यापन हो पाया है।

🔸 इनमें से 11 लाख 64 हजार 744 मतदाता सत्यापित बताए गए हैं।

🔸 जबकि, 1 लाख 63 हजार 675 मतदाताओं के नाम सूचियों से हटाए गए हैं।

इस तरह, आयोग द्वारा जिलों को भेजी गई कुल सूची में से करीब 94 प्रतिशत डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन जिला स्तर पर अभी तक लंबित है। पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी इस ढिलाई पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारियों (DM) को जांच में तेजी लाने और लापरवाही होने पर जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया है।

विधानसभा सूची से 50 लाख ज्यादा वोटर

आयोग के सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि उत्तर प्रदेश में स्थानीय निकायों (नगर और ग्राम) की मतदाता सूचियों में विधानसभा और लोकसभा चुनावों की कुल मतदाता संख्या से लगभग 50 लाख अधिक वोटर दर्ज हैं।

माना जा रहा है कि यदि सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, तो पंचायत चुनाव की सूचियों में बड़ी संख्या में फर्जी और दोहराए गए वोटर हट सकते हैं, क्योंकि एक ही मतदाता का नाम कई-कई ग्राम पंचायतों में दर्ज होने की व्यापक शिकायतें हैं। पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में कुल 12.43 करोड़ मतदाता हैं, जिसे त्रुटिरहित बनाना आयोग के लिए एक बड़ी चुनौती है।

 

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