Greater Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: यमुना प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की मंशा के बावजूद, जमीन लेकर निर्माण शुरू न करने वाले आवंटियों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। प्राधिकरण द्वारा आवंटित किए गए 300 से अधिक ऐसे औद्योगिक भूखंडों पर निरस्तीकरण की तलवार लटक गई है, जहाँ कब्जा मिलने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है।
प्राधिकरण ने इस मामले की जांच और रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
क्या है पूरा मामला?
यमुना प्राधिकरण ने अपने क्षेत्र में तेजी से औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच प्रमुख औद्योगिक पार्क विकसित किए थे। इन पार्कों में एमएसएमई पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, टॉय पार्क और अपैरल पार्क शामिल हैं। इन पांचों पार्कों में उद्योग लगाने के लिए कुल 1049 भूखंड आवंटित किए गए थे।
प्राधिकरण ने आवंटन प्रक्रिया के बाद 336 आवंटियों को भूखंडों पर कब्जा भी दे दिया था, ताकि वे अपनी फैक्ट्रियों का निर्माण शुरू कर सकें।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
जब प्राधिकरण ने हाल ही में आवंटित भूखंडों पर निर्माण की स्थिति की जांच कराई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि कब्जा दिए गए 336 भूखंडों में से मात्र 25 भूखंडों पर ही निर्माण कार्य चल रहा है और केवल 2 का काम पूरा हुआ है।
इसका अर्थ है कि 300 से अधिक आवंटी ऐसे हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री लगाने के नाम पर भूखंड तो ले लिया, लेकिन उस पर कोई काम शुरू नहीं किया। ये भूखंड खाली पड़े हैं, जो औद्योगिक विकास की गति को धीमा कर रहा है।
प्राधिकरण की कार्रवाई
प्राधिकरण ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है। निर्माण शुरू न करने वाले आवंटियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एक टीम का गठन किया गया है। यह टीम मौके पर जाकर जांच करने के साथ-साथ आवंटियों से भी बात करेगी और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
रिपोर्ट में यदि यह पाया जाता है कि आवंटी निर्माण शुरू करने में रुचि नहीं ले रहे हैं या उनके पास कोई ठोस योजना नहीं है, तो प्राधिकरण इन भूखंडों का आवंटन निरस्त कर सकता है, ताकि इन्हें उन गंभीर निवेशकों को दिया जा सके जो वास्तव में उद्योग लगाना चाहते हैं।

