Noida News/ भारतीय टॉक न्यूज़: नोएडा। यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने नोएडा के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है, जिससे सैकड़ों परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, नोएडा प्राधिकरण ने प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत उपाय शुरू कर दिए हैं। चार बरात घरों को अस्थायी राहत शिविरों में बदल दिया गया है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए पुश्ते के किनारे टेंट लगाए जा रहे हैं।

बुधवार को नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. लोकेश एम ने यमुना के जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा किया। उन्होंने सेक्टर-150 के आसपास के कोंडली, नंगली वाजिदपुर, नंगला नगली और झट्टा गाँवों में बनाए गए राहत शिविरों का निरीक्षण किया। ये शिविर स्थानीय बरात घरों में स्थापित किए गए हैं ताकि विस्थापित परिवारों को तत्काल आश्रय प्रदान किया जा सके।
सीईओ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुश्ते के किनारे अस्थायी टेंटों की व्यवस्था की जाए ताकि और अधिक लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने डूब क्षेत्र में स्थित फार्म हाउस और अन्य निर्माणों में रहने वाले लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की। डॉ. लोकेश एम ने राहत शिविरों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जनरेटर लगाने के भी कड़े निर्देश दिए।

दौरे के दौरान, सीईओ के साथ अतिरिक्त सीईओ संजय खत्री, महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा, और एस.पी. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने राहत कार्यों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन की यह त्वरित कार्रवाई हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना के जलस्तर में हुई खतरनाक वृद्धि के बाद हुई है। नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है, जिससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के यमुना के किनारे बसे कई गांवों और सेक्टरों में पानी भर गया है। जिला प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण संयुक्त रूप से बचाव और राहत कार्यों में जुटे हुए हैं ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा सके।

