Noida News/भारतीय टॉक न्यूज़: हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर ने गौतम बुद्ध नगर में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। जिले के तीन तहसीलों के 43 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जिससे लगभग 3800 लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी मेधा रूपम के नेतृत्व में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव कार्य चला रहा है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा, 2600 से ज्यादा लोग सुरक्षित निकाले गए
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अब तक, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 2637 लोगों को सुरक्षित निकालकर 15 सक्रिय बाढ़ शरणालयों में पहुंचाया गया है। इन राहत शिविरों में विस्थापितों के लिए सामुदायिक रसोई के माध्यम से तीनों समय के भोजन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और चिकित्सा सुविधाओं का पुख्ता इंतजाम किया गया है।

प्रभाव का विस्तृत ब्यौरा:
कुल प्रभावित गांव: 43
तहसील सदर: 12 गांव
तहसील दादरी: 6 गांव
तहसील जेवर: 25 गांव
कुल प्रभावित आबादी: लगभग 3800 लोग
राहत शिविरों में स्थानांतरित: 2637 लोग
24×7 सक्रिय बचाव एवं राहत कार्य
राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी और अग्निशमन विभाग की कई टीमों को चौबीसों घंटे तैनात किया गया है। एनडीआरएफ ने सेक्टर 151 और ग्राम झुप्पा से 44 लोगों को बचाया, जबकि एसडीआरएफ ने 40 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इन टीमों के पास मोटरबोट और अन्य आवश्यक उपकरण मौजूद हैं। प्रशासनिक निगरानी के लिए जिले में 19 बाढ़ चौकियां (सदर में 6, दादरी में 8, जेवर में 5) स्थापित की गई हैं।
स्वास्थ्य और पशुधन की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
मानवीय सहायता के साथ-साथ प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं और पशुधन की सुरक्षा पर भी पूरा ध्यान दे रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों और शरणालयों के लिए छह मेडिकल रेस्पॉन्स टीमें गठित की हैं, जो एंटी-स्नेक वेनम समेत सभी जरूरी दवाओं से लैस हैं। वहीं, पशुओं की सुरक्षा के लिए सेक्टर 135 पुश्ता रोड पर एक पशु शिविर स्थापित किया गया है, जहाँ 1471 से अधिक गौवंश को सुरक्षित रखा गया है और उनके लिए चारे-पानी की व्यवस्था की गई है।
जिलाधिकारी की जनता से अपील
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने लोगों से नदी और नालों के किनारे जाने से बचने का आग्रह किया है। किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए, लोग 24×7 सक्रिय बाढ़ कंट्रोल रूम के नंबरों 0120-2978231, 2978232, 2978233 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने विस्थापित लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए राहत शिविरों में ही रहें।

