Noida News/ भारतीय टॉक न्यूज़: पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश और हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना नदी उफान पर है, जिससे दिल्ली के बाद अब नोएडा में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही पानी निचले यानी डूब क्षेत्र की ओर फैलना शुरू हो गया है, जिसको लेकर प्रशासन और नोएडा प्राधिकरण ने अलर्ट जारी कर दिया है। एहतियाती कदम उठाते हुए शहर को बाढ़ के पानी से बचाने के लिए सेक्टर-135 स्थित कोंडली नाले पर बने रेगुलेटर को मंगलवार को बंद कर दिया गया है।
शहर की सुरक्षा के लिए रेगुलेटर बंद
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, यमुना के डूब क्षेत्र में पानी भरने की स्थिति में कोंडली नाले के जरिए पानी के शहर में प्रवेश करने का खतरा था। इसी आशंका को समाप्त करने के लिए मंगलवार को प्राधिकरण के डीजीएम विजय रावल के नेतृत्व में एक टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और रेगुलेटर को बंद करने की कार्रवाई सुनिश्चित की। इस कदम से फिलहाल शहर के अंदर पानी आने का खतरा टल गया है। हालांकि, विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि मंगलवार रात यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे डूब क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो सकते हैं।
डूब क्षेत्र पर कड़ी नजर, खाली कराने की तैयारी
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि सुबह की तुलना में शाम को यमुना के जल स्तर में मामूली कमी देखी गई, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। डूब क्षेत्र में बने करीब 1000 छोटे-बड़े फार्म हाउसों पर प्रशासन की पैनी नजर है। इन फार्म हाउसों में देखभाल करने वाले कर्मचारियों के अलावा कई परिवार भी रहते हैं और बड़ी संख्या में मवेशी भी पाले गए हैं। फिलहाल, प्राधिकरण ने इन फार्म हाउसों को खाली करवाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
याद दिला दें कि दो साल पहले आई बाढ़ के दौरान इन फार्म हाउसों को खाली कराना पुलिस, प्रशासन और प्राधिकरण के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। उस समय मवेशियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कई विशेष टीमों का गठन करना पड़ा था।
प्रशासन ने स्थापित की बाढ़ चौकियां
गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है। यमुना के किनारे बसे गांवों और खासकर जेवर और रबूपुरा जैसे संवेदनशील इलाकों में पांच बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं और सभी कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है। कई गांवों जैसे फलैदा खादर, करौली बांगर, मेहंदीपुर, और सिरौली बांगर के खेतों में यमुना का पानी घुसने की भी खबर है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन लगातार मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दे रहा है।

