Noida News /भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा। हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद यमुना नदी एक बार फिर उफान पर है, जिससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। दो साल बाद फिर से बने इन हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सोमवार को हाई अलर्ट जारी कर दिया है। यमुना के डूब क्षेत्र में पानी घुसना शुरू हो गया है और कई जगहों पर जलस्तर 5 फीट तक पहुंच गया है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
खतरे के निशान के करीब पहुंचा जलस्तर
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार शाम 4 बजे ओखला बैराज पर यमुना का जलस्तर 198.55 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (200.60 मीटर) के करीब पहुंच रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ओखला बैराज के सभी गेट खोल दिए गए हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि हथिनीकुंड से छोड़ा गया 3,29,313 क्यूसेक पानी मंगलवार शाम तक दिल्ली-एनसीआर में पहुंचेगा, जिससे जलस्तर में और तेजी से बढ़ोतरी होगी और यह खतरे के निशान को छू सकता है।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह मुस्तैद हैं। डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों से तत्काल अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर चले जाने की अपील की गई है। एसडीएम सदर, आशुतोष गुप्ता ने बताया कि डूब क्षेत्र के निवासियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। कई अवैध फार्म हाउसों में पानी घुसने के बाद लोग पहले ही घर छोड़कर पुश्तों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं।
शहरी इलाकों पर भी मंडरा रहा खतरा
यमुना का जलस्तर बढ़ने का असर हिंडन नदी और शहर के बड़े नालों पर भी पड़ सकता है, क्योंकि ये सभी यमुना में ही मिलते हैं। यमुना में उफान के कारण इन नदियों और नालों का पानी वापस शहर की ओर लौट सकता है (बैकफ्लो), जिससे शहरी इलाकों और सोसाइटियों में भी जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। साल 2023 में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी जब कई सोसाइटियों के बाहर पानी भर गया था।
उल्लेखनीय है कि आखिरी बार 15 जुलाई, 2023 को ओखला बैराज से रिकॉर्ड 3,72,225 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, तब यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए 200.75 मीटर तक पहुंच गया था। अब एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनती दिख रही है, जिसको लेकर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।

