यमुना प्राधिकरण का एक्शन मोड: अवैध खनन और निर्माण पर लगाम कसने के लिए 95 भूतपूर्व सैनिक तैनात, 5 बुलेरो गाड़ियों से होगी 24 घंटे गश्त

यमुना प्राधिकरण (YEIDA) ने सेक्टर 18, 20 और 29 सहित कई क्षेत्रों में अवैध खनन और निर्माण रोकने के लिए 95 भूतपूर्व सैनिकों को तैनात किया है। CEO राकेश कुमार सिंह ने सुरक्षा और निगरानी के सख्त निर्देश दिए हैं।

Partap Singh Nagar
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यमुना प्राधिकरण का एक्शन मोड: अवैध खनन और निर्माण पर लगाम कसने के लिए 95 भूतपूर्व सैनिक तैनात, 5 बुलेरो गाड़ियों से होगी 24 घंटे गश्त

 

Greater Noida/ भारतीय टॉक न्यूज़: ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतमबुद्ध नगर के अधिसूचित क्षेत्रों में बढ़ते अतिक्रमण और अवैध खनन को रोकने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अब तक की सबसे बड़ी घेराबंदी शुरू कर दी है। यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर प्राधिकरण क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाते हुए कुल 95 भूतपूर्व सेवानिवृत्त सैनिकों और गनमैन की तैनाती की गई है।

निगरानी के लिए बढ़ाई गई ताकत

प्राधिकरण ने पहले सेक्टर-18, 20, 21, 28 और 29 जैसे प्रमुख क्षेत्रों में 85 सैनिकों को तैनात किया था। अब इस कड़ी को और मजबूत करते हुए सीईओ द्वारा सेक्टर-5, 8, 9 और 11 में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए 10 अतिरिक्त गनमैन तैनात किए गए हैं। शनिवार को अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) राजेश कुमार ने इन सभी 95 जवानों के साथ बैठक कर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपीं।

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5 बुलेरो गाड़ियों से होगी 24 घंटे गश्त

अवैध खनन माफियाओं और भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए प्राधिकरण ने संसाधनों में भी बढ़ोतरी की है। पूर्व में उपलब्ध 4 बुलेरो वाहनों के बेड़े में 1 नई बुलेरो गाड़ी और शामिल की गई है। अब ये 5 वाहन दिन-रात क्षेत्र में चलायमान रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगाह रखेंगे।

लेखपाल और इंजीनियरों की भी जवाबदेही तय

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा बल अपनी दैनिक रिपोर्ट संबंधित पुलिस स्टेशन के साथ-साथ प्राधिकरण के परियोजना और भूलेख विभाग को सौंपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर लेखपाल और तहसीलदार ‘धारा 10’ के तहत तत्काल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेंगे। बैठक में सख्त लहजे में कहा गया कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध निर्माण पाया गया, तो वहां के लेखपाल और परियोजना अभियंता व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी माने जाएंगे।

सुरक्षा बल के अतिरिक्त दायित्व:

🔸अवैध खनन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना।

🔸नवनिर्मित अवैध ढांचों को चिन्हित कर तत्काल रिपोर्ट करना।

🔸स्थानीय पुलिस और भूलेख विभाग के साथ समन्वय स्थापित करना।

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