Ayodhya / भारतीय टॉक न्यूज़: अयोध्या से सभी श्रीरामभक्तों के लिए एक अत्यंत आनंददायक और बड़ी सूचना है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से संबंधित लगभग सभी प्रमुख कार्य पूर्ण हो चुके हैं। मंदिर ट्रस्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्य मंदिर के साथ-साथ परिसर के अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का निर्माण कार्य भी संपन्न हो गया है, और वे दर्शनार्थियों के स्वागत के लिए तैयार हैं।
मुख्य मंदिर और परकोटा हुए पूर्ण
जानकारी के मुताबिक, भव्य मुख्य मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, मंदिर के परकोटा (परिसर की दीवार) में स्थित छह (६) अन्य मंदिरों का निर्माण भी संपन्न हो गया है। इन मंदिरों में भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती और देवी अन्नपूर्णा के मंदिर शामिल हैं। इनके साथ ही शेषावतार मंदिर का कार्य भी पूरा हो चुका है। इन सभी नवनिर्मित मंदिरों पर पारंपरिक विधि-विधान के साथ ध्वजदण्ड एवं कलश की स्थापना कर दी गई है।

सप्त मंडप और अन्य स्थल भी तैयार
मंदिर परिसर में ‘सप्त मण्डप’ का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है, जो भारतीय संस्कृति और रामायण के प्रमुख पात्रों को समर्पित हैं। इन मंडपों में महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, माता शबरी और ऋषि पत्नी अहल्या के मंदिर शामिल हैं। साथ ही, सन्त तुलसीदास जी का मंदिर भी बनकर तैयार है। परिसर में प्रभु राम के प्रति समर्पण के प्रतीक जटायु और गिलहरी की प्रेरणादायक प्रतिमाएं भी स्थापित की जा चुकी हैं।
दर्शनार्थियों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि वे सभी कार्य, जिनका सीधा सम्बन्ध दर्शनार्थियों की सुविधा या व्यवस्था से है, पूर्ण कर लिए गए हैं। भक्तों के सुगम आवागमन के लिए मानचित्र के अनुसार सड़कों के निर्माण और फ्लोरिंग पर पत्थर लगाने का कार्य L&T द्वारा तीव्र गति से किया जा रहा है।
सभी श्रीरामभक्तों को यह जानकारी देते हुए हर्ष हो रहा है कि मंदिर निर्माण सबंधी सभी कार्य पूर्ण हो गए हैं अर्थात- मुख्य मंदिर, परकोटा के ६ मंदिर – भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा तथा शेषावतार मंदिर भी पूर्ण हो चुके हैं। इन पर ध्वजदण्ड एवं…
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) October 27, 2025
इसके साथ ही, परिसर के सौन्दर्यीकरण पर भी तेजी से काम चल रहा है। GMR द्वारा भूमि सौन्दर्य, हरियाली और लैंडस्केपिंग का कार्य संभाला जा रहा है, जिसमें १० एकड़ के विशाल क्षेत्र में ‘पंचवटी’ का निर्माण भी शामिल है।
अंतिम चरण में गैर-सार्वजनिक कार्य
वर्तमान में केवल वही कार्य जारी हैं जिनका सीधा सम्बन्ध आम जनता या दर्शनार्थियों से नहीं है। इन कार्यों में ३.५ किलोमीटर लम्बी चारदीवारी का निर्माण, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह (गेस्ट हाउस) और एक भव्य सभागार (ऑडिटोरियम) का निर्माण शामिल है। मंदिर निर्माण का यह चरण पूरा होना सभी भक्तों के लिए एक ऐतिहासिक और हर्ष का विषय है।

