Noida /भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए नए साल की शुरुआत खुशियों भरी होने वाली है। यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्रदेश सरकार ने स्वीकार कर लिया है। गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और आगरा समेत कुल छह जिलों के करीब 4500 किसानों को अब अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने भुगतान की प्रक्रिया को लेकर तैयारी तेज कर दी है।
छह जिलों के 4500 किसानों की हुई ‘बल्ले-बल्ले’
यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना से प्रभावित हुए किसानों के लिए यह एक बड़ी जीत मानी जा रही है। इस फैसले से विशेष रूप से गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा और आगरा जिलों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान हजारों एकड़ कृषि भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिसके बाद से ही किसान मुआवजे की दर बढ़ाने और अतिरिक्त राशि की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। अब सरकार ने 1689 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि के वितरण को मंजूरी दे दी है।
सुरक्षा कंपनी और प्राधिकरण मिलकर करेंगे भुगतान
मुआवजे की इस भारी-भरकम राशि का प्रबंधन रणनीतिक तरीके से किया गया है। जेपी इंफ्राटेक को टेकओवर करने वाली ‘सुरक्षा’ (Suraksha) कंपनी इस कुल राशि में से 1334 करोड़ रुपये का योगदान करेगी, जबकि शेष राशि का प्रबंधन यमुना विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, यह मुआवजा वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि सभी पात्र किसानों के खातों में बिना किसी तकनीकी बाधा के पैसा पहुँच सके। यह उन किसानों के लिए राहत की बात है जिनके मामलों में मुआवजा पुनरीक्षण को मंजूरी मिल चुकी है।
नोएडा प्राधिकरण में औद्योगिक मंत्री की बैठक स्थगित
इसी बीच प्रशासनिक गलियारों से एक और बड़ी खबर आई है। नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर में 17 दिसंबर को प्रस्तावित औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है। हालांकि बैठक को लेकर सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और सीईओ के निर्देश पर कामकाज की विस्तृत बुकलेट भी तैयार कर ली गई थी, लेकिन अब यह समीक्षा बैठक किसी नई तारीख पर आयोजित की जाएगी। प्राधिकरण के अधिकारी अब नई तारीख की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।

