ग्रेटर नोएडा में अमानवीयता: अस्पताल से बीमार बच्चे को लेकर लौटी महिला को ससुराल वालों ने घर से निकाला, रातभर एंबुलेंस में भूखी-प्यासी बैठी रही पीड़िता

ग्रेटर नोएडा के लखनावली में शर्मनाक मामला। 16 दिन बाद अस्पताल से बीमार बच्चे को लेकर लौटी महिला को ससुराल वालों ने घर में नहीं घुसने दिया। रातभर एंबुलेंस में बैठी रही पीड़िता। कोर्ट के आदेश पर 6 के खिलाफ केस दर्ज।

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा में अमानवीयता: अस्पताल से बीमार बच्चे को लेकर लौटी महिला को ससुराल वालों ने घर से निकाला, रातभर एंबुलेंस में भूखी-प्यासी बैठी रही पीड़िता

ग्रेटर नोएडा / भारतीय टॉक न्यूज़:  उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है। यहाँ एक मां अपने जिंदगी और मौत से जंग जीतकर आए मासूम बच्चे को लेकर जब 16 दिन बाद अस्पताल से घर लौटी, तो ससुराल वालों ने ममता और इंसानियत दोनों को ताक पर रख दिया। आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने घर का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया और महिला को अंदर नहीं घुसने दिया। न्याय के लिए भटक रही पीड़ित महिला को पूरी रात बच्चे के साथ एंबुलेंस में ही भूखे-प्यासे गुजारनी पड़ी। अब जिला न्यायालय के कड़े आदेश के बाद सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने पति समेत 6 ससुराल वालों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

30 लाख का दहेज देने के बाद भी नहीं भरे थे पेट

दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, सेक्टर-39 कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले गुलाब उर्फ अमित ने अपनी बहन संगीता की शादी 9 फरवरी 2007 को लखनावली (सूरजपुर) निवासी यतेंद्र उर्फ सचिन से की थी। भाई का आरोप है कि उन्होंने शादी में अपनी हैसियत के मुताबिक करीब 30 लाख रुपये का भारी-भरकम दहेज दिया था।

इसके बावजूद ससुराल के लोग खुश नहीं थे। शादी के बाद से ही पति यतेंद्र, ससुर बाबूराम, सास राजेश, जेठ नरेंद्र, देवर जितेंद्र उर्फ बिट्टू और देवरानी मीनाक्षी मिलकर संगीता को कम दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।

9 दिन वेंटिलेटर पर रहा बेटा, देखने तक नहीं आया कोई

ससुराल वालों की बेरहमी की हद तो तब पार हो गई जब इस साल 26 फरवरी 2026 को संगीता के मासूम बेटे की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह लगातार 9 दिनों तक वेंटिलेटर पर मौत से लड़ता रहा। संगीता अकेले ही अस्पताल में बच्चे की देखभाल करती रही, लेकिन आरोप है कि ससुराल पक्ष का एक भी सदस्य बच्चे का हालचाल जानने या उसे देखने अस्पताल नहीं पहुंचा।

घटनाक्रम के अनुसार, 12 मार्च 2026 को जब संगीता 16 दिनों के लंबे इलाज के बाद बच्चे को डिस्चार्ज कराकर एंबुलेंस से लखनावली स्थित अपने घर पहुंची, तो ससुराल वालों ने क्रूरता दिखाते हुए घर का मुख्य गेट अंदर से लॉक कर लिया।

रातभर एंबुलेंस में कटी रात: संगीता ने जब इस बात का विरोध किया, तो अंदर से ही उसे भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई। कोई रास्ता न देख, संगीता अपने बीमार बच्चे को गोद में लिए पूरी रात घर के बाहर खड़ी एंबुलेंस में ही भूखी-प्यासी बैठी रही।

अगले दिन सूचना पर जब पुलिस मौके पर पहुंची, तब भी ससुराल वालों ने दरवाजा खोलने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए घर के एक कमरे का ताला तोड़कर संगीता और उसके बच्चे को वहां रहने की जगह दिलाई।

कोर्ट के दखल के बाद जागा प्रशासन, 6 पर मुकदमा दर्ज

इस मामले को लेकर पीड़िता ने पहले पुलिस कमिश्नर से भी गुहार लगाई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने पर उन्होंने जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के सख्त आदेश के बाद अब सूरजपुर कोतवाली पुलिस एक्शन में आई है।

🔸यतेंद्र उर्फ सचिन  पति | एफआईआर दर्ज, जांच जारी |

🔸बाबूराम , ससुर | एफआईआर दर्ज, जांच जारी |

🔸 राजेश,  सास | एफआईआर दर्ज, जांच जारी |

🔸 नरेंद्र, जितेंद्र उर्फ बिट्टू जेठ और देवर | एफआईआर दर्ज, जांच जारी |

🔸 मीनाक्षी ,  देवरानी | एफआईआर दर्ज, जांच जारी |

पुलिस का बयान:  सूरजपुर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सभी 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। घटना की गहनता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

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