दादरी (भारतीय टॉक न्यूज़): दादरी के जीटी रोड स्थित बालाजी कॉलोनी में बिजली फाॅल्ट ठीक करते समय संविदा कर्मचारी (लाइनमैन) की करंट लगने से हुई मौत के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। मृतक के परिजनों के आक्रोश और विभाग की कथित लापरवाही को देखते हुए पुलिस ने बिजली विभाग के एक्ससीएन (XEN) और एसडीओ (SDO) समेत चार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शटडाउन के बावजूद मौत का करंट
घटना सोमवार की है, जब जारचा निवासी संविदाकर्मी रवि धूम मानिकपुर बिजली घर से बाकायदा ‘शटडाउन’ (बिजली आपूर्ति बंद करने का लिखित आदेश) लेकर बालाजी कॉलोनी में ट्रांसफार्मर का फाॅल्ट ठीक करने गए थे। रवि जब खंभे पर चढ़कर काम कर रहे थे, तभी अचानक लाइन में हाई-वोल्टेज बिजली की सप्लाई शुरू हो गई। करंट की चपेट में आने से रवि की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
परिजनों का फूटा गुस्सा, अधिकारियों पर गिरी गाज
इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बिजली घर पर ताला जड़ दिया और घंटों तक विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों का सीधा आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत या घोर लापरवाही के कारण ही शटडाउन के दौरान बिजली चालू की गई, जो सीधे तौर पर हत्या जैसा कृत्य है।
किन अधिकारियों पर दर्ज हुई FIR?
प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार के अनुसार, परिजनों की तहरीर पर कोतवाली दादरी में निम्नलिखित अधिकारियों को नामित किया गया है:
| पद / जिम्मेदारी | नाम / विवरण |
|---|---|
| अधिशासी अभियंता (XEN) | प्रवीण कुमार |
| उपखंड अधिकारी (SDO) | दीपक कुमार |
| अवर अभियंता (JE) | सोनवीर |
| लाइन स्टाफ / अधिकारी | गौतम शर्मा |
| घटना का स्थान | बालाजी कॉलोनी, दादरी |
जांच के घेरे में ‘सप्लाई सिस्टम’
पुलिस अब इस तकनीकी पहलू की जांच कर रही है कि जब लाइनमैन ने आधिकारिक रूप से शटडाउन लिया था, तो फीडर से बिजली की आपूर्ति किसके आदेश पर और क्यों बहाल की गई? क्या यह किसी तकनीकी खराबी का नतीजा था या फिर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की मानवीय भूल? प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि दोषियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों और संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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