नोएडा/ भारतीय टॉक न्यूज़ : उत्तर प्रदेश की नोएडा पुलिस को आर्थिक अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। सेक्टर-58 थाना पुलिस और सीआरटी (CRT) टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी फर्में बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी (GST) चोरी कर रहा था। पुलिस ने गिरोह के एक और वांछित अभियुक्त अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे खुला करोड़ों की हेराफेरी का खेल?
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह गिरोह ‘मैसर्स के.एस. इंटरप्राइजेज’ और ‘आलम इंटरप्राइजेज’ जैसी फर्जी फर्में बनाकर बिना किसी वास्तविक खरीद-फरोख्त के कागजों पर व्यापार दिखा रहा था। वर्ष 2024-25 के दौरान, अभियुक्तों ने 1,74,11,987 रुपये (एक करोड़ चौहत्तर लाख से अधिक) का बोगस आईजीएसटी (IGST) क्लेम किया।
जांच में सामने आया कि ये लोग केवल दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़पने की फिराक में थे। हालांकि, सरकारी खजाने को चपत लगने से पहले ही जीएसटी विभाग ने ‘ट्रेडियोग्राफी’ नामक संदिग्ध फर्म को बंद कर दिया, जिससे ये लोग रिटर्न हासिल नहीं कर पाए।
मास्टरमाइंड जेल में, साथी अब पुलिस की गिरफ्त में
इस पूरे खेल का हिसाब-किताब शुभम कुमार नामक व्यक्ति रखता था, जो फिलहाल हरियाणा की भोंडसी जेल में बंद है। शुभम ही आईटीसी क्लेम होने पर पैसों का बंटवारा करता था।
🔸गिरफ्तार अभियुक्त: अमित कुमार (उम्र 30 वर्ष), निवासी उत्तम नगर, दिल्ली।
🔸 हालिया कार्रवाई: इससे पहले 12 मार्च को रोहन गुप्ता नामक एक अन्य आरोपी को भी पुलिस जेल भेज चुकी है।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
नोएडा पुलिस ने बताया कि इस संबंध में थाना सेक्टर-58 में मुकदमा अपराध संख्या 387/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2)) में मामला दर्ज है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
“अपराध करने का तरीका बेहद शातिर था। फर्जी कागजों के जरिए कागजी फर्में खड़ी की गईं और फिर उनके बीच बोगस सप्लाई दिखाकर टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया। मामले की गहन विवेचना जारी है।” — पुलिस प्रवक्ता, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर

