दादरी में अपराधियों और मनचलों पर रहेगी ‘तीसरी आंख’ का पहरा; 83 लाख की लागत से लगेंगे हाई-टेक सीसीटीवी

दादरी में 'सेफ सिटी' योजना के तहत 83 लाख रुपये से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अपराधियों और मनचलों पर लगेगी लगाम। जानें पूरी योजना और समयसीमा।

Partap Singh Nagar
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दादरी में अपराधियों और मनचलों पर रहेगी 'तीसरी आंख' का पहरा; 83 लाख की लागत से लगेंगे हाई-टेक सीसीटीवी

दादरी | भारतीय टॉक न्यूज़:  दादरी शहर की सुरक्षा व्यवस्था अब और अधिक मजबूत होने जा रही है। ‘सेफ सिटी’ योजना के अंतर्गत, शहर के मुख्य मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा। लगभग 83 लाख रुपये की लागत से होने वाली इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य अपराध नियंत्रण, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और विशेषकर स्कूल-कॉलेजों के आसपास सक्रिय असामाजिक तत्वों पर नकेल कसना है।

कहाँ-कहाँ लगेंगे कैमरे?

लोक निर्माण विभाग (PWD) की योजना के अनुसार, दादरी के प्रमुख मार्गों को निगरानी के दायरे में लाया जाएगा:

जीटी रोड: बालाजी एन्क्लेव कॉलोनी से लेकर नई आबादी स्थित आईजी गार्डन फार्म हाउस तक करीब 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

रेलवे रोड: मुख्य तिराहे से आरओबी पुल और उसके आसपास के क्षेत्रों में 36 कैमरे स्थापित किए जाएंगे।

कंट्रोल रूम:  इन सभी कैमरों की लाइव फीड की निगरानी के लिए नगर पालिका परिषद दादरी के कार्यालय में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

शहर के शैक्षणिक संस्थानों, जैसे वैदिक कन्या इंटर कॉलेज, मिहिर भोज बालिका इंटर कॉलेज, जूनियर हाई स्कूल और मिहिर भोज बालिका डिग्री कॉलेज के आसपास अक्सर छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां करने और मनचली हरकतें करने की शिकायतें मिलती रही हैं। सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित होने से इन क्षेत्रों में निगरानी बढ़ेगी और मनचलों पर प्रभावी अंकुश लग सकेगा। इसके अलावा, जीटी रोड और रेलवे रोड जैसे व्यस्त मार्गों पर होने वाली आपराधिक वारदातों और यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी।

लोक निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर सचिन त्यागी के अनुसार, इस परियोजना को शासन से हरी झंडी मिल चुकी है।

“शासन द्वारा परियोजना को स्वीकृति दे दी गई है। मई माह के अंत तक कार्य धरातल पर शुरू होने की पूरी संभावना है। इसे निर्धारित तीन महीने की समयावधि में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।” – सचिन त्यागी, जे.ई., लोक निर्माण विभाग

इस पहल से न केवल अपराधी घटनाओं के बाद बचकर भागने में नाकाम रहेंगे, बल्कि शहर के निवासियों और व्यापारियों को भी सुरक्षित माहौल मिलेगा।

 

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