ग्रेटर नोएडा / सूरजपुर : गौतमबुद्धनगर में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए पुलिस महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के कड़े रुख के बाद अब जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को सुधारने की कवायद तेज हो गई है।
इसी कड़ी में, डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण (Supervision) में एडीसीपी सेंट्रल नोएडा स्वतंत्र कुमार सिंह ने सूरजपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण और हाई-लेवल समीक्षा बैठक (गोष्ठी) आयोजित की। इस बैठक में सेंट्रल नोएडा जोन के सभी एसीपी, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी और बीट आरक्षी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

60 से 90 दिनों में मुकदमों का हो निस्तारण
बैठक के दौरान एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने लंबित विवेचनाओं (पेंडिंग केसों) को लेकर सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी जांच अधिकारियों (विवेचकों) को कड़े लहजे में हिदायत दी कि जितने भी पुराने या पेंडिंग मामले हैं, उनका 60 से 90 दिनों के भीतर हर हाल में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। केसों को बेवजह लटकाने वाले पुलिसकर्मियों पर आने वाले दिनों में गाज गिर सकती है।
गुमशुदा लोगों की बरामदगी के लिए बनेगी ‘स्पेशल टीम’
इलाके में दर्ज गुमशुदगी के मामलों को लेकर भी पुलिस ने अब नई रणनीति तैयार की है। एडीसीपी ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि उनके क्षेत्रों से जितने भी लोग या बच्चे लापता (गुमशुदा) हैं, उनकी बरामदगी के लिए विशेष टीमों (Special Teams) का गठन किया जाए। साथ ही, लापता व्यक्तियों की जानकारी का समुचित प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि उन्हें जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जा सके।
बीट पुलिसिंग और जनसंपर्क पर जोर
अपराध पर लगाम कसने के लिए एडीसीपी ने पुराने ढर्रे को बदलते हुए बीट पुलिसिंग को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि:
🔸सभी बीट आरक्षी और चौकी प्रभारी नियमित रूप से अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण (गश्त) करेंगे।
🔸 स्थानीय नागरिकों के साथ संवाद और जनसंपर्क बढ़ाया जाएगा ताकि पुलिस और जनता के बीच का गैप कम हो और खुफिया तंत्र मजबूत हो सके।
जनसुनवाई और IGRS मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री पोर्टल (IGRS) और आम जनता की शिकायतों को लेकर पुलिस कमिश्नरेट बेहद गंभीर है। बैठक में साफ कहा गया कि सभी अधिकारी अपने दफ्तरों और थानों में नियमित रूप से जनसुनवाई करेंगे। जनता से मिलने वाली हर एक शिकायत और IGRS प्रकरणों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटारा करना होगा। इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


