भारतीय टॉक न्यूज़ (ब्यूरो रिपोर्ट)/ ग्रेटर नोएडा: फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर एक जीएसटी कंसल्टेंट को अगवा करने और उससे 29 लाख रुपये की अवैध वसूली के चर्चित मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए बिसरख थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह और संबंधित चौकी प्रभारी राहुल को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
जांच के बाद एक्शन, लापरवाही पड़ी भारी
ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में घटी इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया था। मामला मीडिया की सुर्खियों में आने और शहर में चर्चा का विषय बनने के बाद पुलिस कमिश्नर द्वारा इस पूरे घटनाक्रम की गहन विभागीय जांच कराई गई।
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि घटना की शुरुआती सूचना और विधिक कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी मुनेंद्र सिंह और चौकी प्रभारी राहुल की ओर से भारी लापरवाही बरती गई थी। कर्तव्य के प्रति शिथिलता बरतने के आरोप में दोनों अधिकारियों के खिलाफ यह कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
क्या था पूरा मामला?
गौरतलब है कि बिसरख थाना क्षेत्र के एस एस्पायर सोसाइटी के पास से बदमाशों ने खुद को फर्जी जीएसटी अधिकारी और यूपी पुलिस का दरोगा बताकर जीएसटी कंसल्टेंट को उसकी ही कार में बंधक बना लिया था। बदमाशों ने उसे एनकाउंटर का डर दिखाकर और जेल भेजने की धमकी देकर 29 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली थी।
हालाँकि, पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 5 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर 29 लाख रुपये की शत-प्रतिशत बरामदगी कर ली थी। लेकिन वारदात के समय स्थानीय पुलिस की शिथिलता और ढिलाई पर अब प्रशासनिक चाबुक चला है।
महकमे में हड़कंप
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस कमिश्नरेट का साफ संदेश है कि अपराध नियंत्रण और पीड़ित की सुनवाई में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

