भारतीय टॉक न्यूज़ (विशेष रिपोर्ट)/ ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की गई जमीनों के बदले शेष 4 प्रतिशत आवासीय प्लॉट के लाभ से वंचित किसानों का आक्रोश गहराता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा।
किसानों का कहना है कि शेष 4 प्रतिशत प्लॉट न मिलने के कारण क्षेत्र के 44 गांवों के किसान परिवार बुरी तरह प्रभावित हैं और यह मुद्दा सीधे तौर पर लगभग 1 लाख लोगों के भविष्य और अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
“कोर्ट जाने से रोका, फिर धोखा दिया” – किसानों का दर्द
क्षेत्रीय अध्यक्ष के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए किसानों ने बताया कि नियम के मुताबिक जमीन अधिग्रहण के बदले उन्हें 10 प्रतिशत आबादी प्लॉट मिलना चाहिए था। लेकिन ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को केवल 6 प्रतिशत प्लॉट का ही आवंटन किया।
किसानों का आरोप है कि जो किसान उस समय न्यायालय गए, उन्हें तो 10 प्रतिशत प्लॉट का लाभ मिल गया। वहीं दूसरी ओर, प्राधिकरण अधिकारियों ने उस समय बाकी किसानों को यह आश्वासन देकर कोर्ट जाने से रोक दिया था कि विकास कार्यों में बाधा न पहुंचे और सभी को समान रूप से 10 प्रतिशत प्लॉट दे दिया जाएगा। लेकिन बाद में प्राधिकरण अपने वादे से मुकर गया, जिसे किसान खुद के साथ बड़ा धोखा मान रहे हैं।
ज्ञापन, मौन जुलूस और अनशन के बाद अब अनिश्चितकालीन धरना
किसानों का कहना है कि वे इस मांग को लेकर जिले के सभी जनप्रतिनिधियों का द्वार खटखटा चुके हैं। इसके अलावा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को ज्ञापन देने से लेकर मौन जुलूस और अनशन के जरिए भी अपनी बात रख चुके हैं। लेकिन शासन-प्रशासन के अड़ियल रवैये के कारण अब उनके पास आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है।
किसानों की चेतावनी: “अगर जल्द ही हमारी जायज मांगों का निस्तारण नहीं किया गया, तो 44 गांवों के किसान एकजुट होकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।”
सीएम योगी के समक्ष मुद्दा उठाने का आश्वासन
किसानों की बात को बेहद ध्यान और गंभीरता से सुनने के बाद बीजेपी के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने उन्हें आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
नवाब सिंह नागर ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे इस गंभीर और संवेदनशील विषय पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत रूप से वार्ता करेंगे और प्रभावित किसानों की मांग को उनके समक्ष मजबूती से रखेंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या के सकारात्मक समाधान के लिए शासन स्तर पर हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

