ग्रेटर नोएडा: LLB छात्र रोबिन सिंह हत्याकांड में 3 सगे भाइयों को आजीवन कारावास, ‘ऑपरेशन कन्विंक्शन’ के तहत कोर्ट का बड़ा फैसला

ग्रेटर नोएडा के चर्चित रोबिन सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने 4 साल बाद फैसला सुनाया है। प्रेम प्रसंग के चलते घर में बिजली के तार से गला दबाकर व सिर पर पत्थर मारकर की गई हत्या के मामले में 3 सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा मिली है।

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा: LLB छात्र रोबिन सिंह हत्याकांड में 3 सगे भाइयों को आजीवन कारावास, 'ऑपरेशन कन्विंक्शन' के तहत कोर्ट का बड़ा फैसला

भारतीय टॉक न्यूज (ग्रेटर नोएडा): वर्ष 2022 में ग्रेटर नोएडा को दहला देने वाले बीए एलएलबी के छात्र रोबिन सिंह हत्याकांड में माननीय न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विंक्शन” (Operation Conviction) के तहत सूरजपुर पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन इकाई की मजबूत पैरवी के चलते कोर्ट ने हत्या के दोषी तीन सगे भाइयों को आजीवन कारावास और साक्ष्य छिपाने वाले उनके दोस्त को 4 साल की सजा सुनाई है।

क्या था पूरा मामला?

​सूरजपुर क्षेत्र के पाली गांव निवासी मगन सिंह का बेटा रोबिन सिंह (23 वर्ष), जो बीए एलएलबी अंतिम वर्ष का छात्र था, 27 फरवरी 2022 को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। पुलिस जांच और पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि प्रेम प्रसंग के विवाद में आरोपी सुबोध, रवि और सागर ने रोबिन को आधी रात को अपने घर में पकड़ लिया था।

पहले घर में बिजली के तार से रोबिन का गला दबाकर फंदे पर लटकाया गया। इसके बाद जब आरोपी उसे कार की डिग्गी में डालकर ले जा रहे थे और शरीर में कुछ हरकत महसूस हुई, तो आरोपियों ने सिर पर पत्थर से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। वारदात के बाद बागपत निवासी अपने दोस्त मनीष की मदद से शव को कोट गांव के पास नहर में फेंक दिया था। सबूत मिटाने के उद्देश्य से आरोपियों ने वारदात से पहले घर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए थे और रोबिन का मोबाइल झाड़ियों में फेंक दिया था।

थाना सूरजपुर पर पंजीकृत मु०अ०सं० 137/2022 (धारा 302, 201 भादवि) में सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने सभी सबूतों व गवाहों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी पाया और निम्नलिखित सजा सुनाई: आज (26 सितंबर) अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर चारों आरोपियों को दोषी करार दिया और निम्नलिखित सजा का ऐलान किया:

🔸 मुख्य आरोपी (3 सगे भाई):

🔸सुबोध (पुत्र स्व० रामवीर सिंह, निवासी ग्राम पाली, थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर)

🔸 रवि (पुत्र स्व० रामवीर सिंह, निवासी ग्राम पाली, थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर)

🔸 सागर (पुत्र स्व० रामवीर सिंह, निवासी ग्राम पाली, थाना सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर)

🔸 सजा: तीनों दोषियों को आजीवन कारावास एवं ₹35,000 – ₹35,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपियों को 1 वर्ष 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

सह-अभियुक्त (साक्ष्य छिपाने का दोषी):

🔸 मनीष (पुत्र अजय प्रताप, निवासी भेंडापुर, थाना चांदीनगर, जिला बागपत)

🔸 सजा: धारा 201 भादवि (साक्ष्य मिटाने) के तहत दोषी पाते हुए 04 वर्ष के कठोर कारावास तथा ₹5,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया। जुर्माना न देने पर 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

‘ऑपरेशन कन्विंक्शन’ का दिख रहा असर

गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे इस अभियान से अपराधियों में खौफ का माहौल है। पुलिस मीडिया सेल के अनुसार, कमिश्नरेट पुलिस द्वारा आगे भी ऐसे ही मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने की कार्यवाही जारी रहेगी।

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