ग्रेटर नोएडा वेस्ट: मोबाइल देखने से मना किया तो 8वीं की छात्रा ने 21वीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या; महागुन माईवुड्स में हड़कंप

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन माईवुड्स सोसाइटी में पिता द्वारा मोबाइल देखने पर डांटने से नाराज 8वीं कक्षा की छात्रा ने 21वीं मंजिल से छलांग लगा दी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा वेस्ट: मोबाइल देखने से मना किया तो 8वीं की छात्रा ने 21वीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या; महागुन माईवुड्स में हड़कंप

भारतीय टॉक न्यूज़ (Greater Noida Desk): ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) की हाईराइज सोसाइटी ‘महागुन माईवुड्स’ में शुक्रवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाली दुखद घटना सामने आई है। यहाँ बिसरख कोतवाली क्षेत्र स्थित सोसाइटी की 21वीं मंजिल से गिरकर एक 13 वर्षीय मासूम छात्रा की मौत हो गई।

शुरुआती जांच में जो वजह सामने आई है, उसने हर माता-पिता को झकझोर कर रख दिया है। बताया जा रहा है कि मोबाइल इस्तेमाल करने से मना करने और पिता की डांट से आहत होकर छात्रा ने यह खौफनाक कदम उठाया।

पिता के डांटने पर उठाया खौफनाक कदम

मिली जानकारी के अनुसार, महागुन माईवुड्स सोसाइटी में रहने वाले प्रदीप सिसोदिया एक आईटी (IT) कंपनी में कार्यरत हैं। परिवार में उनकी पत्नी और 13 वर्षीय बेटी (8वीं कक्षा की छात्रा) थी।

बताया जा रहा है कि किशोरी को मोबाइल देखने की लत थी। शुक्रवार को जब पिता ने उसे पढ़ाई पर ध्यान देने और मोबाइल न चलाने की हिदायत देते हुए डांट दिया, तो वह अत्यधिक आहत हो गई। गुस्से और तैश में आकर छात्रा सोसाइटी की 21वीं मंजिल पर पहुंची और नीचे छलांग लगा दी। 21वीं मंजिल से नीचे गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और सोसाइटी के लोगों में हड़कंप मच गया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

घटना के तुरंत बाद आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल छात्रा को पास के ही एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही बिसरख थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।

परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार

बिसरख थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि छात्रा के परिजन इस मामले में कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया है। जिसके बाद परिजनों की लिखित सहमति और सोसाइटी के प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी में शव को पंचनामा के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।

मोबाइल की लत बनी चिंता का विषय

इस दुखद हादसे ने एक बार फिर बच्चों में बढ़ती ‘मोबाइल एडिक्शन’ (स्क्रीन टाइम) और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हंसती-खेलती जिंदगी के इस तरह अचानक खत्म हो जाने से पूरी सोसाइटी में शोक की लहर व्याप्त है और हर कोई स्तब्ध है।

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