New Delhi/ भारतीय टॉक न्यूज़: नई दिल्ली: भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज नए संसद भवन में मतदान हो रहा है। सुबह 10 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चलेगी, जिसके बाद वोटों की गिनती की जाएगी और देर शाम तक नतीजों की घोषणा होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले अपना वोट डालकर प्रक्रिया की शुरुआत की।

किसके बीच है मुकाबला?
इस प्रतिष्ठित पद के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि ‘इंडिया’ गठबंधन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी मैदान में हैं। दोनों ही उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में एक लंबा अनुभव रखते हैं, जिससे यह मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह चुनाव?
यह चुनाव केवल एक संवैधानिक पद को भरने के लिए नहीं है, बल्कि इसका राजनीतिक महत्व भी बहुत अधिक है। भारत का उपराष्ट्रपति, राज्यसभा का पदेन सभापति भी होता है और सदन की कार्यवाही के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ द्वारा स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अप्रत्याशित रूप से इस्तीफा देने के बाद यह पद खाली हो गया था, जिससे उच्च सदन में एक नेतृत्व का शून्य पैदा हो गया था।
चुनावी प्रक्रिया और गणित
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल होते हैं। वर्तमान में, 6 रिक्तियों के साथ, निर्वाचक मंडल में 781 सदस्य हैं (लोकसभा के 542 और राज्यसभा के 239)। जीत दर्ज करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को 391 वोटों का जादुई आंकड़ा छूना होगा। मतदान गुप्त बैलेट के माध्यम से होता है और प्रत्येक वोट का मूल्य समान होता है। वोटों की गिनती आज शाम 6 बजे शुरू होगी।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और राम मोहन नायडू के साथ-साथ शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे को इस चुनाव प्रक्रिया के लिए आधिकारिक एजेंट नियुक्त किया गया है।
राजनीतिक समीकरण और संभावनाएं
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दोनों सदनों में सदस्यों की संयुक्त संख्या को देखते हुए एनडीए के उम्मीदवार का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। हालांकि, मुकाबला कड़ा माना जा रहा है और सभी की निगाहें संभावित क्रॉस-वोटिंग और अंतिम परिणामों पर टिकी हुई हैं, जो देश की भावी राजनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।


