Greater Noida/भारतीय टॉक न्यूज़ (संवाददाता) : पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार रोहित को सत्र अदालत ने जमानत दे दी है। अदालत ने यह फैसला पीड़िता के बदलते बयान को ध्यान में रखते हुए दिया, जिसने साफ किया कि उसने आरोपी के साथ अपनी मर्जी से शारीरिक संबंध बनाए थे और वह अब उसके खिलाफ मुकदमा नहीं लड़ना चाहती।
मामले का विवरण
यह मामला नोएडा के सेक्टर-24 थाना क्षेत्र का है। आरोपी के खिलाफ 19 सितंबर 2025 को एक एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायत के अनुसार, पीड़िता इंस्टाग्राम (Instagram) के माध्यम से आरोपी युवक रोहित से बातचीत करती थी और बाद में उसके सेक्टर-53 स्थित कमरे में जाती थी, जहां आरोपी ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। मामले ने तब तूल पकड़ा जब पीड़िता का मेडिकल परीक्षण हुआ और वह गर्भवती पाई गई। उसने गर्भपात कराने की इच्छा जताई, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
न्यायालय का अहम अवलोकन
अदालत ने अपने आदेश में पीड़िता की उम्र का अवलोकन किया, जिसकी जन्मतिथि 5 नवंबर 2008 है। एफआईआर दर्ज होने के समय, पीड़िता की उम्र लगभग 16 साल 10 महीने थी, जो उसे कानूनन नाबालिग बनाती है।
हालांकि, पीड़िता ने धारा-164 बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत दिए गए अपने बयान में स्पष्ट रूप से कहा कि उसने मार्च 2025 से जुलाई 2025 के बीच आरोपी के साथ अपनी स्वेच्छा से शारीरिक संबंध स्थापित किए थे। उसने यह भी बताया कि वह आरोपी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती है।
पीड़िता के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया कहानी में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। कोर्ट ने इस आधार पर आरोपी रोहित को जमानत प्रदान की। यह फैसला यौन अपराधों से जुड़े मामलों में पीड़िता के बयान की महत्ता को रेखांकित करता है, भले ही पीड़िता की उम्र कानूनी रूप से नाबालिग हो।

