ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा का बोड़ाकी अब केवल एक छोटा रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल के विकल्प के रूप में उभरने जा रहा है। रेलवे मंत्रालय और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस प्रोजेक्ट के मास्टर प्लान में बड़ा बदलाव करते हुए इसे और अधिक विस्तार देने का निर्णय लिया है। नई योजना के तहत अब यहाँ 99 एकड़ अतिरिक्त जमीन अधिगृहीत की जाएगी, जिससे यह क्षेत्र उत्तर भारत का एक प्रमुख ‘ट्रांजिट हब’ बन जाएगा।
क्यों बदला गया प्लान?
रेलवे चेयरमैन और यूपी सरकार के अधिकारियों के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह बात सामने आई कि भविष्य में आनंद विहार टर्मिनल पर नई ट्रेनों और यात्रियों के लिए जगह की कमी होगी। ऐसे में बोड़ाकी को एक सशक्त विकल्प के रूप में विकसित करना जरूरी है। पहले यहाँ केवल 39 एकड़ जमीन की योजना थी, लेकिन अब कुल 138 एकड़ जमीन पर टर्मिनल का निर्माण होगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
प्लेटफॉर्म और क्षमता: यहाँ अब 12 से 13 यात्री प्लेटफॉर्म और लगभग 63 यार्ड लाइनें बनाई जाएंगी। यहाँ से वंदे भारत और सुपरफास्ट समेत 100 से अधिक ट्रेनें संचालित होंगी।
मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी: एक ही परिसर में रेल, मेट्रो और इंटरस्टेट बस टर्मिनल (ISBT) की सुविधा मिलेगी। एक्वा लाइन मेट्रो का विस्तार डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक किया जाएगा।
एयरपोर्ट से जुड़ाव: इस टर्मिनल को जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना सिटी से सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे हवाई यात्रियों को भी रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
इन 7 गांवों की जमीन होगी अधिगृहीत
सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि रेल संशोधन अधिनियम के तहत सात गांवों में जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसमें चमरावली, बोड़ाकी, दादरी, तिलपता करनवास, पाली, पल्ला और चमरावली रामगढ़ शामिल हैं। लगभग 1000 से अधिक किसान इस अधिग्रहण से प्रभावित होंगे।
प्राधिकरण प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की दरें संशोधित करने जा रहा है। किसानों को मुआवजे के साथ-साथ विकसित सेक्टरों में 6 प्रतिशत आबादी भूखंड (प्लॉट) देने का विकल्प भी दिया जाएगा। प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए प्राधिकरण कुल 250 एकड़ जमीन की खरीद करेगा।
अधिकारियों का पक्ष
“बोड़ाकी भविष्य का नया ट्रांजिट हब और औद्योगिक निवेश का केंद्र बनेगा। यहाँ केवल रेल ही नहीं, बल्कि बस और मेट्रो की भी शानदार कनेक्टिविटी होगी। जमीन खरीद और मुआवजे की दरें संशोधित करने की प्रक्रिया जल्द पूरी कर काम शुरू किया जाएगा।”
— एनजी रवि कुमार, सीईओ, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण

