ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा की पहचान अब केवल उद्योगों और चौड़ी सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह शहर अब अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के वैश्विक मानचित्र पर भी चमकने को तैयार है। विश्व प्रसिद्ध वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी अपना पहला भारतीय कैंपस इसी साल ग्रेटर नोएडा में शुरू करने जा रही है। सोमवार को यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को ‘परफॉरमेंस गारंटी’ दस्तावेज सौंपकर इस दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।
प्राधिकरण टावर में तीन फ्लोर पर चलेगा कैंपस
वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण परिसर में स्थित टावर-2 की तीन मंजिलों (6वीं, 7वीं और 8वीं मंजिल) को कैंपस के लिए चुना है। इसके लिए यूनिवर्सिटी प्राधिकरण को सालाना 86 लाख रुपये का किराया देगी। यूनिवर्सिटी की प्रॉपर्टी एंड कमर्शियल ऑफिसर मैरियन जॉन्स ने संकेत दिए हैं कि कैंपस तैयार करने का कार्य बहुत जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
नोएडा के मैक्स टावर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्राधिकरण की ओएसडी गुंजा सिंह और वरिष्ठ प्रबंधक अजित भाई पटेल की मौजूदगी में जरूरी दस्तावेज सौंपे गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के लिए ‘लीडिंग डेस्टिनेशन’ बनाने के विजन को इस कदम से काफी मजबूती मिली है।
इन क्षेत्रों में मिलेगी वर्ल्ड क्लास शिक्षा
यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के अनुसार, यह कैंपस सस्टेनेबिलिटी, वॉटर मैनेजमेंट, एग्रीकल्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बिजनेस इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में ग्लोबल टीचिंग और रिसर्च पर केंद्रित होगा।
🔸 पहला चरण: बिजनेस एनालिटिक्स, मार्केटिंग, डेटा साइंस और सस्टेनेबल एग्रीकल्चर जैसे कोर्स शुरू होंगे।
🔸दूसरा चरण: इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे पाठ्यक्रमों को जोड़ा जाएगा।
ग्रेटर नोएडा की बदल जाएगी तस्वीर
प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव ने कहा कि वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी का यहाँ आना इस बात की पुष्टि करता है कि ग्रेटर नोएडा अब वैश्विक स्तर पर शिक्षा के लिए पसंदीदा जगह बन चुका है। इससे न केवल यहाँ का शैक्षणिक माहौल बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे वे सीधे उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से तैयार हो सकेंगे।

