ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़: जनपद गौतमबुद्धनगर में पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। थाना बिसरख पुलिस द्वारा एक अधिवक्ता के साथ की गई कथित मारपीट और उनकी पत्नी से अभद्रता के विरोध में सोमवार को वकीलों ने कचहरी के सभी गेट बंद कर पुलिसकर्मियों को परिसर से बाहर खदेड़ दिया। गुस्साए अधिवक्ताओं ने ऐलान किया है कि जब तक आरोपी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल नहीं भेजा जाता, तब तक किसी भी पुलिसकर्मी को न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
घटना 14 मार्च 2026 (शनिवार) रात करीब 11:30 बजे की है। पीड़ित अधिवक्ता फरीद अहमद, जो ककराला (फेस-2) के निवासी हैं, ने आरोप लगाया कि थाना बिसरख के चार पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने फरीद अहमद के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इतना ही नहीं, विरोध करने पर उनकी पत्नी के साथ भी अभद्रता और छेड़छाड़ की गई, जिससे वह घायल हो गईं।
‘एनकाउंटर की धमकी और बेरहमी से पिटाई’
आरोप है कि पुलिसकर्मी फरीद अहमद को जबरन गाड़ी में डालकर ले गए और करीब 2 घंटे तक सुनसान सड़कों पर घुमाते रहे। इस दौरान उन्हें एनकाउंटर की धमकी दी गई। इसके बाद उन्हें बिसरख थाने ले जाकर लाठी-डंडों और फट्टों से तब तक पीटा गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गए।
कचहरी में भारी रोष, कार्य बहिष्कार का ऐलान
सोमवार, 16 मार्च को बार एसोसिएशन के प्रांगण में भारी संख्या में अधिवक्ता एकत्रित हुए। पूर्व अध्यक्ष योगेंद्र भाटी की अध्यक्षता और अनिल भाटी के संचालन में हुई सभा में करीब 2000 वकीलों ने हिस्सा लिया। अधिवक्ताओं का कहना है कि पुलिस ने न तो आरोपी कर्मियों पर कार्रवाई की और न ही पीड़ित का मेडिकल कराया।
मुख्य निर्णय जो सभा में लिए गए:
🔸 पुलिस की नो-एंट्री: न्यायालय परिसर में पुलिस का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
🔸कार्य बहिष्कार: जब तक FIR दर्ज नहीं होती, वकील न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
🔸 बड़ा आंदोलन: मांग पूरी न होने पर पुलिस आयुक्त (CP) के घेराव की रणनीति बनाई जाएगी।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के खिलाफ भी नाराजगी
सभा के दौरान वकीलों ने वर्तमान अध्यक्ष और सचिव की चुप्पी पर भी गहरा रोष व्यक्त किया। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि वर्तमान पदाधिकारी सहयोग नहीं करते हैं, तो जल्द ही ‘कार्यकारी अध्यक्ष-सचिव’ घोषित कर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस मौके पर मुख्य रूप से सुशील भाटी, राजीव तौंगड़, उमेश भाटी, संजीव वर्मा, नीरज भाटी, रिजवान, श्याम सिंह भाटी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
इस विरोध प्रदर्शन और धरने की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष योगेन्द्र भाटी ने की तथा मंच का संचालन अनिल भाटी एडवोकेट द्वारा किया गया। इस दौरान अपनी आवाज बुलंद करने वाले अधिवक्ताओं में मुख्य रूप से सुशील भाटी, राजीव तौंगड, उमेश भाटी, संजीव वर्मा, नीरज भाटी, रिजवान, श्याम सिंह भाटी, अरविन्द कुमार यादव सौरखा, विशाल नागर, अंकुश शर्मा, जतिन वर्मा, सुशील यादव, इरशाद अली, नौशाद अली, मुजम्मील, राकेश गौतम, हेमन्त राघव, सौरन सिंह वर्मा, के.के. भाटी, मयंक शर्मा, तनीश चन्देला, गंगे लाल यादव, पवन भाटी, सुनील कुमार शिशौदिया, हिमांशू चौधरी, सरदार बंसल, आबीद अलवी, अरूण नागर डेरी मच्छा, ललित मावी, दीपक भाटी, सन्दीप नागर, नितिन भाटी और प्रशान्त भाटी सहित लगभग 2000 अधिवक्ता धरना स्थल पर उपस्थित रहे।

