ग्रेटर नोएडा (भारतीय टॉक न्यूज़): उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से दहेज लोभियों की बर्बरता का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जलपुरा गांव में रहने वाली एक नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के महज 14 महीने बाद ही उनकी बेटी को दहेज की खातिर मौत के घाट उतार दिया गया।
हैरानी और शर्मिंदगी की बात यह है कि हत्या के बाद ससुराल वाले कानून के डर से दीपिका के शव को अस्पताल में ही लावारिस छोड़कर मौके से फरार हो गए।
1 करोड़ के दहेज से भी नहीं भरी ससुराल वालों की नीयत
मूल रूप से कुड़ी खेड़ा गांव के रहने वाले संजय नागर ने अपनी होनहार और शिक्षित बेटी दीपिका नागर की शादी करीब डेढ़ साल पहले जलपुरा गांव के एक परिवार में की थी। दीपिका पढ़ाई-लिखाई में हमेशा टॉपर रही थी और उसने बीए-बीएड की डिग्री हासिल की थी।

पीड़ित पिता और परिजनों का दावा है कि उन्होंने बेटी की खुशहाली के लिए शादी में अपनी हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया था। शादी के वक्त ससुराल वालों को एक स्कॉर्पियो गाड़ी , करीब 50 लाख रुपये की कीमत का सोना और अन्य सामान सहित कुल 1 करोड़ रुपये से अधिक का दहेज दिया गया था।
मायके वालों का आरोप है कि इतना सब कुछ मिलने के बाद भी ससुराल पक्ष के लोगों का लालच कम नहीं हुआ। पिछले कुछ महीनों से दीपिका पर मायके से फॉर्च्यूनर गाड़ी और 50 लाख रुपये नकद लाने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इस मांग को पूरा न करने पर दीपिका को शारीरिक और मानसिक रूप से बेरहमी से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि इसी प्रताड़ना और मांग के चलते आखिरकार उनकी बेटी की हत्या कर दी गई।
शरीर पर चोट के निशान, अस्पताल में शव छोड़कर भागे आरोपी
घटना की सूचना मिलने पर जब मायके वाले अस्पताल पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दीपिका का शव अस्पताल के बेड पर पड़ा था और उसके ससुराल वाले वहां से नदारद थे। मृतका के शरीर पर चोट के कई गंभीर निशान पाए गए हैं, जो इस बात की गवाही दे रहे हैं कि मौत से पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। एक पढ़ी-लिखी और होनहार बेटी की इस तरह दहेज के कारण जान जाना बेहद दुखद है, और इस मामले के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

