भारतीय टॉक न्यूज़ (विशेष रिपोर्ट) / ग्रेटर नोएडा: मामूली सी कहासुनी और गुस्से के एक पल ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। ग्रेटर नोएडा के चर्चित साकीपुर गांव में हुए एलएलबी छात्र साजन भाटी हत्याकांड के आरोपी वीर सिंह की लुक्सर स्थित जिला जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, मौत की वजह गंभीर ब्रेन स्ट्रोक (मस्तिष्क आघात) बताई जा रही है।
बैरक में अचानक बिगड़ी तबीयत
जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, वीर सिंह जेल में अपने भाई (जो इसी मामले में सह-आरोपी है) के साथ एक ही बैरक में बंद था। बीती रात अचानक उसे तेज सिरदर्द और घबराहट की शिकायत हुई, जिसके बाद वह बेहोश हो गया।
घटना की भनक लगते ही जेल सुरक्षाकर्मियों और मेडिकल टीम ने तत्काल उसे प्राथमिक उपचार दिया। हालत गंभीर होने के कारण उसे आनन-फानन में ग्रेटर नोएडा (कसाना) स्थित जिम्स (GIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जिम्स अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि वीर सिंह को ब्रेन स्ट्रोक हुआ है और उसकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। बेहतर इलाज और इमरजेंसी केयर के लिए डॉक्टरों ने उसे तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। सफदरजंग अस्पताल के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
पोस्टमॉर्टम और आवश्यक विधिक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जानिए क्या था पूरा मामला: नाली और कूड़े के विवाद ने ली थी होनहार छात्र की जान
घटना की शुरुआत 5 मई की रात को साकीपुर गांव में हुई थी। नाली के पानी की निकासी, कूड़ा डालने और उसे जलाने को लेकर दो पक्षों के बीच अचानक बहस शुरू हुई।
घेराबंदी कर चलाई गई गोली: मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। आरोपियों ने एलएलबी की पढ़ाई कर रहे होनहार छात्र साजन भाटी को चारों तरफ से घेर लिया ताकि वह भाग न सके। इसके बाद साजन पर बेरहमी से हमला किया गया और गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई। परिजन आनन-फानन में साजन को अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
सूरजपुर पुलिस की कार्रवाई: सभी आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
साजन भाटी की हत्या के बाद मृतक के चाचा की तहरीर पर सूरजपुर कोतवाली में हत्या (IPC/BNS की संगीन धाराओं) के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वीर सिंह सहित फरार चल रहे सभी आरोपियों को एक-एक कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में शामिल सभी नामजद और प्रकाश में आए अभियुक्त पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। आरोपी वीर सिंह की मौत पूरी तरह से बीमारी (ब्रेन स्ट्रोक) के कारण हुई है।

