‘नया नोएडा’ बसाने की तैयारी तेज़: 37 गांवों में सर्वे शुरू, ₹4300/वर्गमीटर मुआवजा और 7% प्लॉट का मिलेगा लाभ

दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत 'नया नोएडा' बसाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। 37 गांवों में लेखपाल सर्वे कर रहे हैं और 4300 रुपये प्रति वर्गमीटर मुआवजा तय किया गया है।

Partap Singh Nagar
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'नया नोएडा' बसाने की तैयारी तेज़: 37 गांवों में सर्वे शुरू, ₹4300/वर्गमीटर मुआवजा और 7% प्लॉट का मिलेगा लाभ

भारतीय टॉक न्यूज़ (विशेष रिपोर्ट) /नोएडा: दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत विकसित होने वाले ‘नया नोएडा’ (New Noida) को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है। 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

नोएडा प्राधिकरण ने कार्य में तेजी लाने के लिए दो नए ओएसडी (OSD) नियुक्त किए हैं, जिन्हें करीब 20-20 गांवों में जमीन अधिग्रहण और समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पहला चरण: 37 गांवों से ली जाएगी जमीन

प्रोजेक्ट के पहले चरण में कुल 37 गांवों को जमीन अधिग्रहण के लिए सूचीबद्ध किया गया है:

बुलंदशहर के 24 गांव: बिरोंडी फौलादपुर, बिरोंडी तेजपुर, चोला, डिमरी आदिलपुर, गोपालपुर, हृदयपुर, जोखाबाद, कैथरा, कनवरा, काडू, किशनपुर, लुहाकर, मुरादाबाद, नगलाबरोधा, नवादा, राजरामपुर, राजपुर खुद्र, सबदलपुर सलेमपुर कायस्थ, सनवाली, शाहपुर कालन, शेरपुर और सिकरा।

गौतमबुद्ध नगर के 13 गांव: आनंदपुर, बैरंगपुर उर्फ नई बस्ती, बील अकबरपुर, छायसा, दया नगर, गिरिराजपुर, कोट, मिलक खंडेरा, नगला कामरू, नगला न्यानसुक, नेकरामपुर उर्फ विशुनपुर, फूलपुर और सेंथली।

गांवों में पहुंचे लेखपाल; ऑनलाइन और कागजी सर्वे जारी

इन गांवों की जमीनों के ऑनलाइन और कागजी आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। नवनियुक्त 5 लेखपालों की टीम गांव-गांव पहुंचकर राजस्व अभिलेखों का सत्यापन और खेतों की वर्तमान स्थिति का जायजा ले रही है।

सर्वे के दौरान खसरा-खतौनी, जमीन का मालिकाना हक और आबादी क्षेत्र के अभिलेख अपडेट किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद अगस्त के अंत तक किसानों और भूमिधरों से सीधी बातचीत शुरू हो सकती है।

मुआवजा दर और 18 अक्टूबर 2024 का ‘कट-ऑफ’ नियम

जमीन अधिग्रहण किसानों की आपसी सहमति से ही किया जाएगा। इसके लिए मुआवजे का ढांचा तय कर दिया गया है:

🔸 मुआवजा दर: ₹4,300 प्रति वर्गमीटर की दर निर्धारित की गई है।

🔸अतिरिक्त लाभ: ₹3,800 प्रति वर्गमीटर के साथ 7 प्रतिशत विकसित भूखंड (Plot) भी शामिल किया गया है।

🔸 सैटेलाइट इमेज से अवैध निर्माण की जांच: प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि 18 अक्टूबर 2024 के बाद किए गए किसी भी निर्माण को वैध आबादी नहीं माना जाएगा और न ही उसका कोई मुआवजा मिलेगा। इसकी जांच सैटेलाइट तस्वीरों से की जाएगी।

चार चरणों में तैयार होगा औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब

‘नया नोएडा’ को केवल आवासीय ही नहीं, बल्कि एक बड़ा औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब बनाया जाएगा। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार और व्यापार के नए अवसर बनेंगे। प्रत्येक गांव की जमीन लेने के बाद ‘ईस्टर्न पेरिफेरल’ बनाने का भी प्रस्ताव है।

यह पूरी योजना चार चरणों में विकसित होगी:

🔸पहला चरण (2023 से 2027): 3,165 हेक्टेयर

🔸दूसरा चरण: 3,798 हेक्टेयर

🔸तीसरा चरण: 5,908 हेक्टेयर

🔸चौथा चरण: 8,230 हेक्टेयर

प्राधिकरण का पक्ष: ” ‘नया नोएडा’ चार चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 3,165 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास 2023 से 2027 के बीच किया जाएगा। इसके बाद के चरणों में क्रमश: 3,798, 5,908 और 8,230 हेक्टेयर भूमि का विकास होगा।” — महिमा राजपूत, ओएसडी भूलेख, नोएडा प्राधिकरण

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