भारतीय टॉक न्यूज़ (इन्फ्रास्ट्रक्चर डेस्क) / नोएडा: नोएडा के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण जंक्शनों में शुमार पर्थला चौक पर बढ़ते यातायात के दबाव को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी तैयारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रदेश में आधुनिक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के संकल्प के तहत फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद (FNG) कॉरिडोर पर 80 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 6-लेन अंडरपास के निर्माण की योजना बनाई गई है। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के निर्देशन में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे नोएडा वेस्ट समेत आसपास के कई सेक्टरों के लाखों निवासियों को निर्बाध आवागमन की सुविधा मिलेगी।
710 मीटर लंबा होगा अंडरपास, डायफ्राम वॉल तकनीक से होगा निर्माण
प्रस्तावित अंडरपास FNG कॉरिडोर एवं विकास मार्ग के महत्वपूर्ण मिलन बिंदु (जंक्शन) पर स्थित पर्थला चौक पर बनेगा। गाजियाबाद, NH-9, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और भविष्य में फरीदाबाद को जोड़ने वाले इस रूट पर सुबह और शाम के समय वाहनों का भारी दबाव रहता है। नोएडा वेस्ट में हो रहे लगातार रिहायशी और वाणिज्यिक विकास को देखते हुए यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं एवं तकनीक:
🔸 लेन व लंबाई: अंडरपास 6-लेन का होगा (प्रत्येक दिशा में 3-3 लेन)। इसकी कुल लंबाई लगभग 710 मीटर होगी।
🔸 संरचना: इसमें दोनों तरफ 110-110 मीटर लंबा आरसीसी (RCC) बॉक्स, बीच में 20 मीटर का ओपन-टू-स्काई भाग तथा दोनों ओर 280-280 मीटर लंबे पहुँच मार्ग (अप्रोच रोड) शामिल होंगे।
🔸 तकनीक: इसका निर्माण डायफ्राम वॉल तकनीक और ऑन-साइट आरसीसी निर्माण से होगा, जिससे आसपास की भूमि और मौजूदा ढांचे को कोई नुकसान न पहुंचे।
🔸 जलभराव से बचाव: बारिश के पानी की तुरंत निकासी के लिए 2 विशेष सम्प (Sump) और उच्च क्षमता वाली पंपिंग व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

18 माह में पूरा होगा काम, इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
प्राधिकरण ने इस अंडरपास के निर्माण की समय-सीमा 18 महीने निर्धारित की है। परियोजना के पूरा होते ही FNG कॉरिडोर पर बिना किसी सिग्नल या रुकावट के वाहन फर्राटा भर सकेंगे।
इस अंडरपास के बनने से विशेष रूप से सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक और छिजारसी समेत आसपास की सोसायटियों के निवासियों को भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। यात्रा के समय में बचत के साथ-साथ ईंधन की खपत में कमी आएगी और सड़क हादसों पर भी अंकुश लगेगा। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट शहर को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप स्मार्ट और आधुनिक कनेक्टिविटी प्रदान करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

