ग्रेटर नोएडा के चार गांवों में खत्म होगा वर्षों पुराना आबादी भूखंड विवाद: प्राधिकरण की ‘जीरो डिस्प्यूट पॉलिसी’ के तहत प्रक्रिया तेज, आपत्तियां मांगी गईं

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जीरो डिस्प्यूट पॉलिसी के तहत खेड़ी, भनौता, जुनपत और चिपयाना खुर्द में आबादी भूखंड विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया तेज कर दी है।

Partap Singh Nagar
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ग्रेटर नोएडा के चार गांवों में खत्म होगा वर्षों पुराना आबादी भूखंड विवाद: प्राधिकरण की 'जीरो डिस्प्यूट पॉलिसी' के तहत प्रक्रिया तेज, आपत्तियां मांगी गईं

भारतीय टॉक न्यूज़ (विशेष रिपोर्ट) / ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित आबादी भूखंड विवादों को हमेशा के लिए सुलझाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे ‘जीरो डिस्प्यूट पॉलिसी’ (Zero Dispute Policy) अभियान के तहत अब जिले के चार प्रमुख गांवों—खेड़ी, भनौता, जुनपत और चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी में आबादी भूखंडों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।

सिरसा और घंघोला गांवों में विवादों के सफल समाधान के बाद, प्राधिकरण ने अब इन चारों गांवों के ग्रामीणों के लिए भूखंडों की पात्रता को लेकर आधिकारिक प्रकाशन जारी कर दिया है। इसके माध्यम से ग्रामीणों से आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं। निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त होने वाली आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद, प्राधिकरण का नियोजन (प्लानिंग) विभाग पात्र ग्रामीणों को भूखंड आवंटित करने की आगे की विधिक व प्रशासनिक कार्रवाई पूरी करेगा। प्राधिकरण के इस कदम से किसानों और स्थानीय निवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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