भारतीय टॉक न्यूज (ग्रेटर नोएडा): गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट की थाना कासना पुलिस ने छह साल के एक मासूम बच्चे के अपहरण और मानव तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। डाढ़ा गोलचक्कर के पास हुई पुलिस मुठभेड़ में तीन शातिर बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत मासूम को सकुशल बरामद कर लिया है और गिरोह की दो महिलाओं समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
13 अक्टूबर को घर के बाहर से हुआ था अपहरण
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2026 को थाना कासना पर एक स्थानीय निवासी ने सूचना दी थी कि उनका 6 वर्षीय बेटा 13 अक्टूबर की शाम को घर के बाहर खेलते-खेलते संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर बच्चे की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया था।
डाढ़ा गोलचक्कर पर मुठभेड़ और गिरफ्तारी
17 अक्टूबर को कासना पुलिस को गोपनीय सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध बच्चे को ठिकाने लगाने या बेचने की फिराक में घूम रहे हैं। पुलिस ने ग्राम डाढ़ा गोलचक्कर के पास चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रुकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी भगाने की कोशिश की। हड़बड़ाहट में कार एक पेड़ से टकरा गई।
कार में सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें तीन बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गए।
मुठभेड़ में घायल बदमाश:
- गुरमीत सिंह पुत्र महीपाल (निवासी अमरोहा, हाल निवासी सेक्टर-68, नोएडा)
- सुमित कुमार पुत्र अशोक कुमार (निवासी अमरोहा, हाल निवासी 6 प्रतिशत, कासना)
- अंकित कुमार पुत्र गंगादास (निवासी अमरोहा, हाल निवासी 6 प्रतिशत, कासना)
पुलिस ने इनके कब्जे से तीन अवैध तमंचे, कारतूस, नकद रुपये और घटना में प्रयुक्त औरा कार (UP23BT5621) बरामद की है।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा: पैसों के लिए बेचा गया था बच्चा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पैसों के लालच में इस पूरी साजिश को रचा गया था। आरोपी सुमित की मामी पुष्पा ने उसे बताया था कि दिल्ली की रहने वाली एक महिला कमलेश को एक छोटा बच्चा चाहिए और इसके बदले अच्छे खासे पैसे मिल सकते हैं।
इसके बाद सुमित ने अपने साथियों—नकुल, अंकित और टैक्सी चालक गुरमीत के साथ मिलकर योजना बनाई। 13 अक्टूबर की शाम को अंकित और नकुल ने काशीराम अस्पताल के पास से मोटरसाइकिल (HP12M0780) के जरिए बच्चे का अपहरण कर लिया। बच्चे को गाजियाबाद ले जाकर दिल्ली निवासी महिला कमलेश को सौंप दिया गया था, जिसके बदले में आरोपियों को ₹2 लाख एडवांस मिले थे और ₹2.50 लाख बाद में मिलने तय थे।
सभी 7 आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने मुख्य बदमाशों की निशानदेही पर अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा:
- विकास और नकुल (ग्राम डाढ़ा गोलचक्कर से गिरफ्तार, जिनसे मोटरसाइकिल और नकदी बरामद हुई)।
- पुष्पा (पत्नी गजराज) और कमलेश (पत्नी ओम प्रकाश, निवासी तुगलकाबाद, दिल्ली) — अभियुक्ता पुष्पा और कमलेश के पास से ही अपहृत मासूम बच्चे को सकुशल बरामद किया गया।
कुल बरामदगी:
- अपहृत मासूम बच्चा सकुशल बरामद।
- घटना में प्रयुक्त औरा कार और स्पलेंडर मोटरसाइकिल।
- कुल ₹2,22,800 नकद (तस्करी से मिले रुपयों में से शेष बचे हुए)।
- 03 अवैध तमंचे और जिंदा/खोखा कारतूस।
पुलिस ने सभी साक्ष्यों को संकलित कर अभियुक्तों के खिलाफ गैंगस्टर, अपहरण और आर्म्स एक्ट सहित सुसंगत धाराओं में मुकदमे दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

