भारतीय टॉक न्यूज (ग्रेटर नोएडा): गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट की थाना बादलपुर पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टीम ने संयुक्त रूप से एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कुड़ी खेड़ा मोड़ के पास (दादरी से लालकुआं मार्ग) से गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से 165 किलोग्राम और 700 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपये आंकी गई है। तस्करी में इस्तेमाल किया जा रहा एक ट्रक, एक कार, 4 मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की गई है।

भुवनेश्वर से ट्रक की गुप्त कैविटी (Secret Cavity) में छिपाकर लाया जा रहा था माल
पुलिस पूछताछ में आरोपियों के चौंकाने वाले तौर-तरीकों का खुलासा हुआ है। गिरोह का सरगना दिनेश पाल है, जो पहले भी वर्ष 2021 में करीब ढाई क्विंटल गांजा पकड़े जाने के मामले में लगभग 15 महीने जेल काट चुका है।
आरोपियों ने पुलिस चेकिंग और स्कैनर से बचने के लिए ट्रक के अंदर एक गुप्त कैविटी (Secret Cavity) बनवा रखी थी। गैंग का सदस्य रवि कुमार साहनी भुवनेश्वर (ओडिशा) से इस सीक्रेट चेंबर में गांजा भरकर एनसीआर क्षेत्र में लाता था। इसके बाद दिनेश पाल और समीर कुमार इस गांजे को दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में फुटकर और थोक दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमाते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
🔸 दिनेश पुत्र जय नाथ पाल (उम्र करीब 42 वर्ष) — मूल निवासी रतवार, थाना भभुआ, जिला कैमूर (बिहार), हाल निवासी संजय कॉलोनी, भाटी माइंस, दक्षिण दिल्ली (गैंग लीडर)।
🔸 समीर कुमार पुत्र केशो मंडल (उम्र करीब 47 वर्ष) — मूल निवासी ग्राम टेगड़ा, थाना हवेली खड़गपुर, जिला मुंगेर (बिहार), हाल निवासी शिश महल पार्क, शालीमार गांव, उत्तर पश्चिम दिल्ली।
🔸 रवि कुमार साहनी पुत्र मनोज साहनी (उम्र करीब 33 वर्ष) — निवासी ग्राम केरया डीह, थाना कुढ़नी, जिला मुजफ्फरपुर, बिहार।
बरामदगी का विवरण:
🔸 165 किलो 700 ग्राम अवैध गांजा (अनुमानित कीमत ₹1 करोड़)
🔸 तस्करी में प्रयुक्त ट्रक (रजिस्ट्रेशन नंबर HR38W4677)
🔸 एक कार (रजिस्ट्रेशन नंबर HR55AY4194)
🔸04 मोबाइल फोन, 1 बैंक कार्ड और ₹1,980 नगद
NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना बादलपुर में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की सुसंगत धाराओं (मु०अ०सं० 317/2026) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस सिंडिकेट के तार ओडिशा और बिहार के अन्य किन-किन नेटवर्क से जुड़े हैं और ये गांजा दिल्ली-एनसीआर में किन-किन लोगों को सप्लाई करते थे।

