भारतीय टॉक न्यूज़ (Greater Noida Desk): नोएडा अपने विकास के 50 वर्षों में ऊंचाइयों के शीर्ष पर पहुंच चुका है। अब भविष्य के औद्योगिक और शहरी विस्तार को गति देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन’ (DNGIR) यानी ‘न्यू नोएडा’ बसाने की तैयारी पूरी कर ली है। इस नए शहर को बसाने की पूरी जिम्मेदारी नोएडा प्राधिकरण को सौंपी गई है। न्यू नोएडा का मास्टर प्लान-2041 मंजूर हो चुका है और जमीन अधिग्रहण के लिए 32 गांवों को चिह्नित कर प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
न्यू नोएडा को बुलंदशहर के 60 और दादरी के 20 गांवों की कुल 200 वर्ग किलोमीटर (20,911 हेक्टेयर) जमीन पर विकसित किया जाएगा। प्राधिकरण ने नोएडा की पुरानी समस्याओं (जैसे पानी का खारापन और ट्रैफिक जाम) से सबक लेते हुए इस शहर की प्लानिंग बिल्कुल आधुनिक और भविष्योन्मुखी तर्ज पर की है।
न्यू नोएडा में लैंड यूज (Master Plan Land Use):
न्यू नोएडा को विशुद्ध रूप से एक इनवेस्टमेंट रीजन के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। यही वजह है कि यहाँ आवासीय क्षेत्र कम और औद्योगिक क्षेत्र ज्यादा होगा:
| भू-उपयोग (Land Use) | क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) | प्रतिशत (%) |
|---|---|---|
| औद्योगिक एवं वेयरहाउसिंग | – | 40% |
| आवासीय (Residential) | 2810.52 | 13.44% |
| संस्थागत (Institutional) | 1739.92 | 8.32% |
| वाणिज्यिक (Commercial) | 849.96 | 4.06% |
| सुविधाएं (Amenities) | 195.98 | 0.94% |
(नोट: तुलनात्मक रूप से नोएडा में जहां 37 से 38 प्रतिशत आवासीय क्षेत्र है, वहीं न्यू नोएडा में केवल 13.44 प्रतिशत हिस्सा ही आवासीय होगा।)
मास्टर प्लान 2041 की मुख्य विशेषताएं:
1. बीच से गुजरेगी 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड
न्यू नोएडा की सबसे बड़ी खासियत इसका वर्ल्ड-क्लास रोड नेटवर्क होगा। पूरे शहर के बीचों-बीच से 130 मीटर चौड़ी ग्रिड रोड गुजरेगी, जो दादरी से शुरू होकर खुर्जा तक जाएगी। खुर्जा के छोर से इसकी दो शाखाएं निकलेंगी—एक खुर्जा शहर और दूसरी सीधे जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जोड़ेगी।
🔸मुख्य ग्रिड रोड से 75 से 105 मीटर चौड़ी सड़कें निकलेंगी।
🔸सेक्टर सड़कें 45 से 75 मीटर चौड़ी होंगी।
🔸नोएडा प्राधिकरण की जीएम प्लानिंग मीना भार्गव के अनुसार, मुख्य ग्रिड रोड पर आने के बाद शहर के किसी भी छोर तक पहुंचने में मात्र 30 मिनट का समय लगेगा।
2. भू-जल का इस्तेमाल शून्य: गंग नहर से मिलेगी पानी की सप्लाई
नोएडा में पानी की किल्लत और बढ़ते TDS स्तर की समस्या से सबक लेते हुए न्यू नोएडा में भू-जल (Ground Water) का 1% भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। शहर से गुजरने वाली गंग नहर और उसकी सहायक नहरों के किनारे 310 MLD क्षमता के 6 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) लगाए जाएंगे। इनमें 70-70 MLD के दो और 30 MLD का एक प्लांट सीधे गंग नहर के किनारे स्थापित होगा।
3. कामगारों के रहने के लिए फैक्ट्री परिसर में जमीन आरक्षित
अक्सर देखा जाता है कि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों के रहने की जगह की प्लानिंग नहीं होती। न्यू नोएडा में सामान्य (गैर-खतरनाक) उद्योगों के लिए यह अनिवार्य किया जा रहा है कि बड़े इंडस्ट्रियल प्लॉट में कामगारों के रहने के लिए जमीन आरक्षित रखी जाएगी।
4. मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स व ट्रांजिट हब
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (KGP), जीटी रोड, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) और जेवर एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण न्यू नोएडा को बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाया जा रहा है। इसके तहत:
🔸 182 हेक्टेयर और 66 हेक्टेयर के दो मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब बनाए जाएंगे।
🔸 60 हेक्टेयर में मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब विकसित किया जाएगा।
5 चरणों में 2047 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट
न्यू नोएडा को 5 अलग-अलग चरणों में बसाया जाएगा।
🔸पहला चरण: 10 प्रतिशत जमीन (लगभग 537.09 हेक्टेयर) के अधिग्रहण से शुरू होगा, जिसके लिए 281 किसान अपनी सहमति दे चुके हैं।
🔸पांचवां चरण: 2041 से शुरू होकर 2047 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नोएडा प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण के काम को गति देने के लिए 2 जीएम, 10 वरिष्ठ प्रबंधक और 2 लेखपालों की तैनाती कर दी है। जमीनों के रेट ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण की तर्ज पर तय किए जाएंगे।

