भारतीय टॉक न्यूज़ (Noida Desk): दिल्ली-एनसीआर में ठंड की दस्तक के साथ ही गहराते वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। आगामी 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली में दूसरे राज्यों में पंजीकृत गैर-BS6 (BS-4 और उससे नीचे के उत्सर्जन मानक वाले) वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस नए फैसले से नोएडा और ग्रेटर नोएडा से रोजाना दिल्ली आवाजाही करने वाले करीब 1.5 लाख से अधिक वाहन चालक सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं।
गौतमबुद्ध नगर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO प्रशासन) नंद कुमार ने इस संबंध में आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
CAQM और दिल्ली सरकार के कड़े निर्देश
परिवहन विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देश संख्या 88 और 93 के साथ-साथ दिल्ली सरकार की अधिसूचना के तहत की जा रही है।
नए नियमों के अनुसार:
- दिल्ली के बाहर (दूसरे राज्यों) में पंजीकृत BS-4 और उससे नीचे के उत्सर्जन मानक वाले व्यावसायिक मालवाहक और यात्री वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी।
- इसके अलावा, दिल्ली से बाहर पंजीकृत गैर-BS6 उत्सर्जन मानक वाली दोपहिया, चारपहिया निजी गाड़ियां और टैक्सी भी 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगी।
किन्हें मिलेगी दिल्ली में प्रवेश की छूट?
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल निम्नलिखित श्रेणी के वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति होगी:
- BS-6 मानक वाले वाहन (पेट्रोल और डीजल)
- CNG और LNG से चलने वाले वाहन
- इलेक्ट्रिक वाहन (EVs)
अगर कोई प्रतिबंधित श्रेणी (BS-3 या BS-4) का वाहन दिल्ली में प्रवेश करने का प्रयास करता है या नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माने सहित चालान की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रोजाना दिल्ली जाने वालों की बढ़ेगी मुश्किल
नोएडा और आसपास के क्षेत्रों से लाखों लोग नौकरी, व्यवसाय और अन्य व्यक्तिगत कार्यों के लिए प्रतिदिन दिल्ली आते-जाते हैं। इस प्रतिबंध के लागू होने के बाद पुराने वाहन मालिकों को आवागमन के लिए सार्वजनिक परिवहन जैसे दिल्ली मेट्रो, सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसों का सहारा लेना पड़ सकता है। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने से पहले अपने वाहन की पंजीकरण श्रेणी (Emission Standard) और लागू नियमों की जांच अवश्य कर लें।

