भारतीय टॉक न्यूज़ (Noida Desk): गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट में जनता की शिकायतों के निस्तारण और पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता को लेकर पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने एक बार फिर बेहद सख्त रुख अपनाया है। जनशिकायतों को गंभीरता से न लेने, मामलों में हीला-हवाली करने और असंतुष्ट फीडबैक मिलने पर कमिश्नर ने 5 उपनिरीक्षकों (चौकी प्रभारियों) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही कई जोन के एसीपी, थाना प्रभारियों और अन्य चौकी इंचार्ज के खिलाफ भी जांच और कड़ी चेतावनी के आदेश जारी किए गए हैं।
इन 5 चौकी प्रभारियों पर गिरी निलंबन की गाज
जन शिकायतों की अनदेखी और असंतुष्ट फीडबैक अधिक मिलने के कारण निम्नलिखित 5 उपनिरीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है और विभागीय जांच बिठाई गई है:
1. उपनिरीक्षक अजित सिंह – चौकी प्रभारी मोरना (थाना सेक्टर-24)
2. उपनिरीक्षक अक्षय प्रताप – चौकी प्रभारी सेक्टर-12/22 (थाना सेक्टर-24)
3. उपनिरीक्षक बिरजलाल – चौकी प्रभारी RR साइट (थाना जेवर)
4. उपनिरीक्षक कपिल पांडे – चौकी प्रभारी कस्बा सूरजपुर (थाना सूरजपुर)
5. उपनिरीक्षक अनिल कुमार – चौकी प्रभारी कचहरी सूरजपुर (थाना सूरजपुर)
एसीपी और थाना प्रभारियों पर भी संस्थित हुई प्रारंभिक जांच
केवल चौकी प्रभारियों तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि जन शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने के लिए कई राजपत्रित अधिकारियों (ACP) और थाना प्रभारियों (SHO) के खिलाफ भी प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं।
जांच के दायरे में आने वाले प्रमुख अधिकारी:
🔸 एसीपी-2 नोएडा, एसीपी-2 ग्रेटर नोएडा एवं एसीपी-4 ग्रेटर नोएडा
🔸 प्रभारी निरीक्षक: थाना सेक्टर-113, थाना बीटा-2, और थाना दादरी
🔸इसके अलावा ओखला, सेक्टर-98, सरस्वती इंक्लेव, कचहरी (फेस-2), कलौंदा, सिरसा, शाहबेरी/चिपियाना, दनकौर और इकोटेक-1 के कई चौकी/हल्का प्रभारी भी जांच की चपेट में हैं।
अपराध रोकने में नाकाम प्रभारियों को कड़ी चेतावनी
क्षेत्र में चोरी, गृह भेदन (सेंधमारी), वाहन चोरी और स्नैचिंग जैसी वारदातों की रोकथाम व प्रभावी कार्रवाई न कर पाने पर सदरपुर, एनआईबी, झुण्डपुरा, ममूरा, एच ब्लॉक (सेक्टर-63), गौर सिटी, एच्छर, कस्बा दादरी और नॉलेज पार्क के हल्का/चौकी प्रभारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए उनके विरुद्ध भी प्रारंभिक जांच संस्थित की गई है।
पुलिस कमिश्नरेट की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नागरिकों से जुड़े प्रत्येक प्रकरण, ऑनलाइन शिकायतों और जनसुनवाई का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

