भारतीय टॉक न्यूज़ (Bharatiya Talk News)
गौतमबुद्ध नगर / पूर्वी दिल्ली, 13 जुलाई 2026: जिस दिन एक पत्नी अपने पति से जन्मदिन के उपहार और खुशियों की उम्मीद कर रही थी, उसी दिन दहेज के लोभी पति ने उसे मौत की खौफनाक सौगात दे दी। दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने अपनी ही पत्नी की उसके जन्मदिन पर सर्विस पिस्टल से गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी.। वारदात के बाद सोमवार शाम जब मृतका प्रियंका (32 वर्ष) का खून से सना शव उसके पैतृक गांव सादोपुर (बादलपुर कोतवाली क्षेत्र, गौतमबुद्ध नगर) पहुंचा, तो पूरे गांव में कोहराम मच गया.। गमगीन माहौल और नम आंखों के बीच परिजनों व ग्रामीणों ने प्रियंका का अंतिम संस्कार किया।
तबीयत बिगड़ने पर ले जा रहा था अस्पताल, रास्ते में मारी गोली
पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव कुमार ने बताया कि मूल रूप से सादोपुर गांव की रहने वाली प्रियंका अशोक विहार के एक निजी स्कूल में शिक्षिका थीं। उनकी शादी फरवरी 2022 में ग्रेटर नोएडा के सलेमपुर गांव निवासी मनीष भाटी के साथ हुई थी, जो दिल्ली पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में पूर्वी जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉयड (AATS) में तैनात है। दोनों ईस्ट विनोद नगर के ई-ब्लॉक में रहते थे।
पुलिस के अनुसार, रविवार देर रात (13 जुलाई को प्रियंका का जन्मदिन था) अचानक प्रियंका की तबीयत बिगड़ गई। रात करीब 2:55 बजे मनीष उन्हें स्कूटी से लाल बहादुर शास्त्री (LBS) अस्पताल ले जा रहा था। रास्ते में मेट्रो पिलर संख्या-90 के पास दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि मनीष ने स्कूटी रोकी और अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर प्रियंका के सीने में गोली दाग दी और फरार हो गया।

CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात
घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ने इस वारदात की तस्दीक की है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि रात ठीक तीन बजे स्कूटी आकर रुकती है। इसके करीब दो मिनट बाद प्रियंका तड़पकर सड़क पर गिरती नजर आती हैं और आरोपी मनीष वहां से भाग जाता है।
तड़के सड़क पर लहूलुहान हालत में तड़प रही प्रियंका पर वहां से गुजर रहे एक जोमैटो डिलीवरी बॉय की नजर पड़ी। उसने तुरंत इंसानियत दिखाते हुए एक ऑटो किया और प्रियंका को एलबीएस अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
50 लाख रुपये और स्कॉर्पियो कार की थी डिमांड
मृतका के चाचा रोहताश सिंह और पिता अजीत कुमार बैसोया ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही मनीष और उसके घरवाले दहेज के लिए प्रियंका को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। मनीष दहेज में 50 लाख रुपये नकद और एक चमचमाती स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग कर रहा था। इस विवाद के चलते प्रियंका करीब आठ महीने अपने मायके में भी रही थी। बाद में कई बार समाज की पंचायतें हुईं और मनीष को समझा-बुझाकर प्रियंका को दोबारा ससुराल भेजा गया था, लेकिन उसकी दहेज की भूख शांत नहीं हुई।
प्रियंका का परिवार काफी प्रतिष्ठित और शिक्षित है। मृतका के अलावा उसकी दो बहनें और दो भाई हैं। बड़ी बहन नीतू दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर है और भाई नितिन भी पुलिस सेवा में है। वहीं छोटी बहन सोनिका और दूसरा भाई प्रोफेसर हैं। परिवार के कई अन्य सदस्य भी पुलिस और शिक्षा जगत से जुड़े हैं। सोमवार सुबह जब परिवार को अस्पताल बुलाया गया, तो उन्हें लगा कि कोई मामूली विवाद है, लेकिन वहां पहुंचने पर बेटी की हत्या की खबर सुनकर माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
हत्यारे की तलाश में दिल्ली-एनसीआर में 6 टीमें तैनात
एसडीएम (SDM) के समक्ष दिए गए बयानों के आधार पर दिल्ली पुलिस ने आरोपी सिपाही मनीष भाटी के खिलाफ हत्या और दहेज प्रताड़ना की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि आरोपी की धरपकड़ के लिए दिल्ली और एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में 6 टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हत्यारे पति को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

