गौतमबुद्धनगर, भारतीय टॉक न्यूज़: जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेश को बढ़ावा देने और फैक्ट्रियों व औद्योगिक इकाइयों के लिए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन के पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उद्यमियों की रोजमर्रा की तकनीकी और बुनियादी समस्याओं पर गहन मंथन हुआ और उनके समयबद्ध निस्तारण की रूपरेखा तैयार की गई।

बिजली, ड्रेनेज, टूटी सड़कें और GST नोटिस… एसोसिएशन ने उठाए गंभीर मुद्दे
बैठक के दौरान इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित उपाध्याय व अन्य पदाधिकारियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज को प्रभावित करने वाली कई व्यावहारिक कठिनाइयों को जिलाधिकारी के सामने प्रमुखता से रखा। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
🔸अघोषित बिजली कटौती: औद्योगिक क्षेत्रों में बिना किसी पूर्व सूचना के होने वाली अनियोजित विद्युत कटौती।
🔸पानी के कनेक्शन व बिल: जल आपूर्ति और नए जल कनेक्शन से जुड़ी समस्याएं, साथ ही पुराने पानी के बिलों का न्यायोचित निस्तारण न होना।
🔸जलभराव व ड्रेनेज: बारिश के मौसम में होने वाला जलभराव और अपर्याप्त ड्रेनेज (निकासी) व्यवस्था।
🔸इंफ्रास्ट्रक्चर: औद्योगिक क्षेत्रों की क्षतिग्रस्त (टूटी) सड़कों का पुनर्निर्माण।
🔸जीएसटी से जुड़ी दिक्कतें: जीएसटी (GST) और सीजीएसटी (CGST) के नोटिसों के कारण उद्यमियों को आ रही व्यावहारिक कानूनी कठिनाइयाँ।
“उद्योगों के लिए बेहतर माहौल देना शासन की प्राथमिकता”
एसोसिएशन की सभी शिकायतों और सुझावों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनपद में उद्योगों के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा: “बैठक में उठाए गए सभी विषयों पर संबंधित विभागों के माध्यम से एक निश्चित समय सीमा के भीतर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय (Coordination) स्थापित कर इन समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी समाधान निकाला जाएगा।”
अधिकारियों को सख्त हिदायत: करें संयुक्त निरीक्षण
जिलाधिकारी ने लापरवाही बरतने वाले विभागों को चेताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल दफ्तरों में न बैठें, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों का संयुक्त निरीक्षण (Joint Inspection) करें। मौके पर जाकर समस्याओं को चिन्हित किया जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनके त्वरित निस्तारण की कार्रवाई की जाए। डीएम ने जोर देकर कहा कि निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान होने से ही औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, जिससे जिले में नया निवेश आएगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
इस हाई-लेवल बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) भाल चंद्र त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (ADM वित्त एवं राजस्व) अजीत कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अरुण कुमार, प्रभारी जिला विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संबंधित वरिष्ठ अधिकारी तथा इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन के प्रेसिडेंट अमित उपाध्याय सहित कई प्रमुख पदाधिकारी व उद्यमी उपस्थित रहे।

