नोएडा/ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़: उत्तर प्रदेश की हाईटेक सिटी गौतमबुद्धनगर में सरकारी और प्राधिकरण की जमीनों पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट ने अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक अभियान चलाया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के कड़े निर्देशन में पिछले दो सालों (वर्ष 2025 और 2026) के दौरान कमिश्नरेट पुलिस ने तीनों जोन (नोएडा, सेंट्रल नोएडा और ग्रेटर नोएडा) में सुनियोजित और सख्त कार्रवाई करते हुए अरबों रुपये की सरकारी संपत्ति को अवैध कब्जों के चंगुल से मुक्त कराया है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पुलिस बल की सक्रिय सहायता से इन दो वर्षों में कुल 13,25,960 वर्ग गज (लगभग 13.25 लाख वर्ग गज) अतिक्रमित भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है। इस मुक्त कराई गई बहुमूल्य भूमि की कुल अनुमानित कीमत ₹5,903 करोड़ 95 लाख 50 हजार (लगभग ₹5,903.95 करोड़) आंकी गई है। पुलिस की इस महा-कार्रवाई ने दिल्ली-एनसीआर के भू-माफिया सिंडिकेट की कमर तोड़कर रख दी है।
तीनों जोन का पूरा रिपोर्ट कार्ड: सेंट्रल नोएडा में हुआ सबसे बड़ा प्रहार
कमिश्नरेट पुलिस द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई सेंट्रल नोएडा जोन में देखने को मिली है, जहां अकेले 5 हजार करोड़ से अधिक की जमीनें मुक्त कराई गई हैं:
| क्र.सं. | पुलिस जोन का नाम | मुक्त कराई गई कुल भूमि (वर्ग गज में) | जमीन की अनुमानित बाजार कीमत |
|---|---|---|---|
| 1. | सेंट्रल नोएडा जोन | 8,89,127 व.ग. | ₹5,009 करोड़ 68 लाख 50 हजार |
| 2. | ग्रेटर नोएडा जोन | 4,21,833 व.ग. | ₹836 करोड़ 27 लाख |
| 3. | नोएडा जोन | 15,000 व.ग. | ₹58 करोड़ |
| कुल योग | कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर | 13,25,960 व.ग. | ₹5,903.95 करोड़ (लगभग) |
बुलडोजर ऐक्शन के साथ थानों में दर्ज हुए मुकदमे, भू-माफियाओं पर कसा शिकंजा
पुलिस कमिश्नर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह अभियान केवल अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने या फेंसिंग करने तक ही सीमित नहीं रहा। सरकारी और प्राधिकरण की जमीनों पर अवैध रूप से प्लाटिंग करने, बाउंड्री वॉल खड़ी करने और जबरन कब्जा जमाने वाले रसूखदार भू-माफियाओं को भी चिन्हित किया गया है। इन अतिक्रमणकारियों और कब्जेदार व्यक्तियों के खिलाफ कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में समय-समय पर सुसंगत एवं गंभीर धाराओं में अभियोग (मुकदमे) पंजीकृत किए गए हैं, ताकि उन्हें कानूनी रूप से सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर द्वारा इस सतत अभियान को निरंतर संचालित करने के पीछे चार मुख्य उद्देश्य तय किए गए हैं:
🔸सरकारी भूमि का संरक्षण: सरकारी एवं तीनों विकास प्राधिकरणों (नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण) की बहुमूल्य भूमि को अवैध कब्जों से बचाना।
🔸शहरी विकास को गति: मुक्त कराई गई इन जमीनों को जनहित के प्रोजेक्ट्स, सड़कों, पार्कों और अन्य सुनियोजित शहरी बुनियादी ढांचागत (इन्फ्रास्ट्रक्चर) विकास कार्यों के लिए पुनः उपलब्ध कराना।
🔸भू-माफियाओं का खात्मा: क्षेत्र में सक्रिय भू-माफियाओं और संगठित अपराधियों के आर्थिक साम्राज्य को ध्वस्त करना।
🔸जनविश्वास की बहाली: आम जनता के बीच कानून के शासन को सुदृढ़ करना और सरकारी संपत्तियों के प्रति विश्वास जगाना।
पुलिस कमिश्नरेट मीडिया सेल ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार की सख्त और प्रभावी कार्यवाहियां बिना किसी राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव के निरंतर जारी रहेंगी। जिले में किसी भी प्रकार के नए या पुराने अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उस पर पूरी कड़ाई से अंकुश लगाया जाएगा।

