ग्रेटर नोएडा / भारतीय टॉक न्यूज़ (Bharatiya Talk News)
दिल्ली-एनसीआर में विदेशी नागरिकों को अपना शिकार बनाने वाले फर्जी कॉल सेंटरों और साइबर ठगों के खिलाफ गौतमबुद्धनगर पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना बिसरख पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से अमेरिकी नागरिकों से साइबर ठगी करने वाले एक हाईटेक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 2 युवकों और 4 युवतियों समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
थाना क्षेत्र की एक नामी सोसाइटी से संचालित हो रहे इस रैकेट के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और नकदी बरामद की है।
चेरी काउंटी सोसाइटी से चल रहा था फर्जीवाड़ा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ये सभी आरोपी बिसरख थाना क्षेत्र के ‘चेरी काउंटी सोसाइटी’ में किराए पर रहकर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आकिब अमीन (30 वर्ष, असम), चर्चित शर्मा (30 वर्ष, दिल्ली), कृष्णा देव वर्मन (31 वर्ष, असम), एंजल देव वर्मन (26 वर्ष, असम), रंजना सुनार (28 वर्ष, असम) और रेखा (32 वर्ष, असम) के रूप में हुई है।

गूगल एड्स और फर्जी सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर बनकर ठगी
बिसरख पुलिस ने आरोपियों के तौर-तरीकों (Modus Operandi) का भी खुलासा किया है। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था:
🔸फर्जी गूगल एड्स: आरोपी गूगल पर वायरस ठीक करने, बग्स फिक्स करने (Bugs Fix) और साइबर सिक्योरिटी से जुड़े भ्रामक विज्ञापन (Ads) चलाते थे।
🔸फर्जी हेल्पलाइन नंबर: जब कोई विदेशी नागरिक तकनीकी समस्या के लिए गूगल पर सर्च करता था, तो उसे इन ठगों द्वारा Xtile ऐप के जरिए जेनरेट किए गए फर्जी नंबर मिलते थे।
🔸अमेरिकी नागरिकों को निशाना: जैसे ही पीड़ित उस नंबर पर कॉल करता, ये आरोपी खुद को अमेरिका का ‘सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर’ या टेक सपोर्टर बताकर डराते थे और समस्या ठीक करने के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
पुलिस की बरामदगी:
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल होने वाले 06 लैपटॉप, 07 मोबाइल फोन, 01 हेडफोन और कुछ अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं। इसके साथ ही 5200 रुपये की नकदी भी जब्त की गई है।
बिसरख पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

