ग्रेटर नोएडा | भारतीय टॉक न्यूज़ : ग्रेटर नोएडा के लखनवाली गांव की एक पीड़ित मां अपने 14 वर्षीय पूरी तरह बेड पर पड़े दिव्यांग बेटे को न्याय दिलाने के लिए गुरुवार को रिश्तेदारों के साथ कलेक्ट्रेट दफ्तर पहुँची। महिला ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपकर अपने पति और ससुराल पक्ष के लोगों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अधिकारियों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
ससुराल वाले घर से निकालने पर आमादा, नहीं करा रहे बच्चे का इलाज”
कलेक्ट्रेट पर मौजूद पत्रकारों से बात करते हुए पीड़ित महिला संगीता ने अपनी आपबीती सुनाई। संगीता ने बताया कि उसका 14 साल का बेटा गंभीर रूप से दिव्यांग है और पिछले 14 वर्षों से पूरी तरह बेड पर है और उसका उपचार चल रहा है।
संगीता का आरोप है कि:
🔸उसका पति यतींद्र और ससुराल के अन्य लोग मिलकर उसे और उसके इस लाचार बच्चे को घर से बेघर करने की कोशिश कर रहे हैं। घर में प्राइवेट गार्ड- बाउसर रखें हुए है।
🔸 घर के भीतर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, यहाँ तक कि उन्हें समय पर खाना और पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है।
🔸ससुराल पक्ष के लोग बच्चे के इलाज में भी रुकावट पैदा कर रहे हैं और सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ती जा रही है।
न्याय की उम्मीद में कलेक्ट्रेट पहुँचा परिवार
पीड़ित महिला के पिता हरकिशन ने बताया कि उनकी बेटी और नाती इस समय बेहद अमानवीय और कठिन परिस्थितियों में जिंदगी जीने को मजबूर हैं। स्थानीय स्तर पर उचित सुनवाई न होने के कारण थक-हारकर पूरे परिवार और रिश्तेदारों को न्याय की गुहार लगाने के लिए कलेक्ट्रेट दफ्तर आना पड़ा, ताकि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप से मासूम बच्चे को बेहतर माहौल और इलाज मिल सके।
सिटी मजिस्ट्रेट ने डीसीपी हेडक्वार्टर को सौंपी जांच
कलेक्ट्रेट में मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम / सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद मिश्रा ने पीड़ित संगीता से मुलाकात की और उनका प्रार्थना पत्र स्वीकार किया।
इसलिए, संगीता के आवेदन को तत्काल संज्ञान में लेते हुए डीसीपी हेडक्वार्टर (DCP HQ) को गहन जांच और आवश्यक कानूनी कदम उठाने के लिए अग्रसारित कर दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस प्रशासन इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर उचित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

